मतियाना पीएचसी में रिक्त पद भरने की मांग को लेकर किसान संघ ने किया एक दिवसीय आंशिक अनशन। स्रोत:
रिक्त पदों को भरने के लिए किसान संघ ने एक दिवसीय आंशिक अनशन कर जताया रोष
स्वास्थ्य सेवाओं, प्रशासनिक दर्जे और एचपीएमसी सुविधाओं को लेकर उठाई कई अहम मांगें
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग उपमंडल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) मतियाना में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों के कारण मरीज परेशान हैं। क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के बिगड़ते हालात और रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ ने एक दिन का आंशिक अनशन किया। अनशन के दौरान क्षेत्र की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक उपेक्षा के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई गई। अनशन में शामिल विभिन्न पदाधिकारियों और किसानों ने मतियाना उप तहसील का दर्जा दोबारा बहाल करने की मांग की। साथ ही पीएचसी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का दर्जा देने की भी पुरजोर मांग की गई, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। भारतीय किसान संघ खंड ठियोग के जयचंद लेटा ने बताया कि मथियाना क्षेत्र के सेब उत्पादकों को एचपीएमसी से खाद, पैकेजिंग सामग्री और अन्य सामान लेने के लिए गुम्मा या जरौल जैसे दूरस्थ स्थानों पर जाना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की हानि होती है। उन्होंने मांग की कि ठियोग में बने एचपीएमसी स्टोर को पूर्ण रूप से संचालित किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। जयचंद लेटा ने कहा कि पीएचसी की हालत बेहद खराब है और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। डॉक्टरों और स्टाफ की कमी के चलते मरीजों को मजबूरी में ठियोग या शिमला जाना पड़ रहा है। कई बार लोगों को निजी क्लीनिकों में अधिक पैसे खर्च कर इलाज करवाना पड़ता है, जो आम ग्रामीण के लिए भारी बोझ साबित हो रहा है। इस मौके पर भारतीय किसान संघ के प्रदेश मंत्री नीलम देवी और जिला अध्यक्ष जय चंद सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।