रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिला आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. किशोरी लाल वर्मा ने कहा कि सर्दी में जनजातीय जिले में कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में उन्होंने लोगों से सरकार की ओर से कोरोना संक्रमण से बचने के लिए जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आती, तब तक हमें सावधानी बरतनी है। डॉ. वर्मा ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सूखी खांसी, हल्का बुखार, शरीर में जकड़न, स्वाद का पता न लगना या सूंघने की शक्ति क्षीण होना जैसे लक्षण दिखें तो वे तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक से परामर्श लें। पीने के लिए गर्म पानी का ही इस्तेमाल करें। कहा कि आयुष काढ़ा, तुलसी, अदरक, हल्दी, लहसुन का अधिक इस्तेमाल करें। रात को सोते समय नाक में तेल डालें। प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा योगासन या प्राणायाम अवश्य करें। उन्होंने कहा कि जिले में पैदा होने वाला काला जीरा कोरोना संक्रमण को रोकने में फायदेमंद है। ऐसे में चाय काढ़े और खाने में काले जीरे का इस्तेमाल करें। कम से कम हर रोज 7-8 घंटे सोने की आदत डालें। उन्होंने कहा कि घर पर भी काढ़ा तैयार किया जा सकता है, जिसके लिए सौंठ, काली मिर्च, इलायची, मुलैठी और दाख का प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने लोगों को अपने आहार में मौसमी, आंवला, नींबू, टमाटर, पपीता, अनार और संतरे को शामिल करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि दैनिक दिनचर्या में यदि हम इन छोटी-छोटी आदतों को शामिल कर लें तो कोरोना महामारी के संक्रमण से आसानी से बचा जा सकता है।