रामपुर बुशहर। आखिर वर्षों का लंबा इंतजार खत्म हुआ और एक हजार मरीजों की ओपीडी वाले महात्मा गांधी खनेरी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती हो गई। अब अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को निजी क्लीनिकों का रुख नहीं करना पड़ेगा और न ही अल्ट्रासाउंड करवाने के अधिक पैसे देने होंगे। इससे जहां मरीजों की जेब का खर्च कम होगा, वहीं इसका सबसे अधिक लाभ अस्पताल में प्रसव के लिए पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं को होगा।
गौरतलब है कि बीते ढाई वर्ष से खनेरी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली था, जिस कारण मरीजों को निजी क्लीनिकों में अधिक पैसे खर्च कर अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ रहे थे। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा न मिलने से मरीजों को भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही थीं। रोजाना अस्पताल में प्रदेश के पांच जिलों शिमला, किन्नौर, कुल्लू, मंडी और लाहौल स्पीति से पहुंचने वाले मरीजों को 700 से 900 रुपये देकर अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ रहे थे। सरकार की ओर से गर्भवती महिलाओं को दिए जाने वाले मुफ्त इलाज से भी महिलाओं को वंचित रहना पड़ रहा था। ऐेसे में गंभीर स्थिति वाली गर्भवती महिलाएं अस्पताल से बाहर जाकर टेस्ट करवाने में दिक्कतें झेलने को मजबूर थीं। बीते छह माह के अंतराल में अस्पताल में 1300 से अधिक प्रसव हो चुके हैं, जिनमें से सभी गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए निजी लैबों का रुख करना पड़ा। अब सरकार ने हजारों लोगों की फरियाद सुनते हुए अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती कर दी है। अब मरीजों को अस्पताल में ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल सकेगी।
उपमंडलाधिकारी सुरेंद्र मोहन ने बताया कि खनेरी अस्पताल में मंगलवार को रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती कर दी गई है। अस्पताल प्रशासन को वर्षों से बंद पड़ी मशीन का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि इसमें कोई काम करने का है तो उसे एक-दो दिन में पूरा कर अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू की जाए।