सीएचसी तकलेच में डॉक्टर, फार्मासिस्ट सहित अन्य पद पड़े रिक्त
आठ पंचायतों के ग्रामीणों को नहीं मिल रहीं हैं स्वास्थ्य सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपतहसील तकलेच में एक वर्ष से स्वास्थ्य सुविधाएं बुरी तरह से चरमरा गई हैं। क्षेत्र की आठ पंचायतों के हजारों ग्रामीणों में अस्पताल खुलने से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की आस जगी थी, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं तो दूर 38 बिस्तरों वाले इस अस्पताल में प्राथमिक सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। ग्रामीणों को मामूली सी बीमारी के उपचार के लिए भी 26 से 40 किलोमीटर तक का सफर तय करना पड़ रहा है। वहीं, स्वास्थ्य सुविधाएं चरमराने से क्षेत्र के लोगों में सरकार के प्रति रोष है।
वर्षों पूर्व उपतहसील तकलेच को सीएचसी की सौगात मिली थी। हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए यहां 38 बिस्तरों की सुविधा वाला अस्पताल तो खुला, लेकिन कुछ ही वर्षों में यहां स्वास्थ्य सुविधाएं चरमराने लगीं। अस्पताल में चार चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं। इनमें से चारों ही खाली पड़े हैं। बीते एक वर्ष से अस्पताल में चिकित्सा अधिकारी का पद रिक्त पड़ा है, जबकि स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट और महिला हेल्थ वर्कर सहित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद भी लंबे समय से खाली चल रहे हैं। क्षेत्र की तकलेच, दरकाली, देवठी, कूहल, काशापाट, मुनिश, नरैण और बाहली पंचायत से अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को मायूस लौटना पड़ रहा है। ग्रामीणों को अस्पताल में उपचार न मिलने के कारण रामपुर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। यही नहीं हादसों और अन्य दुर्घटनाओं के वक्त भी अस्पताल में प्राथमिक उपचार की सुविधा तक नहीं मिल पा रही। पुलिस प्रशासन को भी एमएलसी बनाने के लिए रामपुर के खनेरी अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कार्यों के लिए भी लोगों को रामपुर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। समय पर उपचार न मिलने के कारण कई मरीजों की दुश्वारियां बढ़ रही हैं। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी का खामियाजा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
विधायक ने दिया आश्वासन
बीते दिनों आयोजित बैठक में सातवें वित्तायोग के अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक नंद लाल ने कहा कि चिकित्सकों के रिक्त पदों का मामला सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने जल्द ही अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती का आश्वासन दिया।
अस्पताल में रिक्त पड़े पदों को लेकर उच्चाधिकारियों को समय-समय पर सूचित किया जा रहा है। अस्पताल में डेपुटेशन पर डॉक्टर भेजकर काम चलाया जा रहा है। चिकित्सकों की कमी के कारण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।
डॉ. आरके नेगी, बीएमओ रामपुर
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