रिकांगपिओ में जिला टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता करती उपायुक्त तोरूल एस रवीश।
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिला किन्नौर में संस्थागत प्रसव की दर 90 प्रतिशत के करीब है। स्वास्थ्य विभाग जिले में शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करें। गर्भवती प्रवासी महिलाओं के लिए विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएं। यह बात उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने नियमित टीकाकरण और बाल स्वास्थ्य को लेकर गठित जिला टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर को शून्य करने के दिशा में कार्य करें और इसके लिए लोगों को जागरूक करें। उन्होंने विभाग को नवजात से लेकर एक वर्ष तक के बच्चों के टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त पेंटा-1, पेंटा-3, रोटा वायरस वैक्सीन, एमआर 1-विटामिन ए की पहली डोज, हेपेटाइटिस-बी आदि टीकाकरण की शत प्रतिशत डोज देना सुनिश्चित किया गया है। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनम नेगी, जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस विनोद कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
निजी स्कूलों के बच्चों को भी दी जाएं आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां
उपायुक्त ने महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभागों को हर माह की 22 तारीख को गंभीर तीव्र कुपोषण और मध्यम तीव्र कुपोषण मामलों की जांच करने के निर्देश दिए। सरकारी स्कूलों में पहली से लेकर पांचवीं कक्षा तक, छठी से लेकर 12वीं कक्षा तक के बच्चों को दी जा रही साप्ताहिक आयरन और फोलिक एसिड की गोलियों को निजी स्कूलों के सभी बच्चों को भी देने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए रिफ्रेशर कोर्स आयोजित करने और मास्टर ट्रेनर तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि जिले में कोई भी बच्चा एनीमिया से पीड़ित न हो।