. दस पंचायतों को मिलेगा लाभ, अभी तक सीधी बस सेवा से वंचित हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। उपमंडल चौपाल और पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ग्रामीणों ने आवाज उठाई है। क्षेत्र की 10 पंचायतों के हजारों ग्रामीणों ने हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) से मांग की है कि प्रस्तावित नेरवा-हनोल-नेरवा बस सेवा को वाया अटाल के बजाय वाया टिकरी-किरण-रडू और मुधोल चलाया जाए। ग्रामीणों और स्थानीय प्रतिनिधियों का कहना है कि पूर्व में सैद्धांतिक रूप से मंजूर वाया अटाल रूट पर पहले से ही 3-4 बसें त्यूणी तक चल रही हैं। इसके विपरीत, टिकरी-किरण और आसपास का क्षेत्र आज भी सीधी बस सेवा से वंचित हैं। यदि बस को नए प्रस्तावित मार्ग टिकरी-मुधोल से चलाया जाता है, तो निगम को सवारियों की कोई कमी नहीं होगी। यह रूट आर्थिक रूप से लाभप्रद रहेगा। साथ ही दशकों से बेहतर परिवहन को तरस रहे दूरदराज के क्षेत्रों को कनेक्टिविटी मिलेगी। इस रूट के शुरू होने से न केवल उपमंडल की गयांह, खूंद न्योल, टिकरी, चइंजन, धनत, किरण और टेलर सहित उत्तराखंड की पंचायतें मुंधोल, रडू और कलाह पंचायतों को बड़ी राहत मिलेगी। इन सभी क्षेत्रों के लोग महासू महाराज को अपना कुलदेवता मानते हैं। वर्तमान में सीधी बस सेवा न होने के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को हनोल स्थित मंदिर जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पूर्व प्रधान राजेंद्र सिंह, पंचायत समिति सदस्य निरुपमा सिंगटा, प्रधान कविता भांटा, सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक कुमार सिंह सिसोदिया, विजय जूरटा, सुभाष देष्टा, कंवर घाल्टा, हरिदत्त जोशी, कल्याण सिंह राणा और अन्य गणमान्य नागरिकों ने हिमाचल और उत्तराखंड परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों से आग्रह किया है कि जन आस्था और जनहित को देखते हुए इस मार्ग पर बस चलाने की अनुमति शीघ्र प्रदान की जाए।