ननखड़ी (रामपुर बुशहर)। जहां देश-दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है, वहीं ओलावृष्टि ने बागवानों को तगड़ा झटका दिया है। सोमवार देर शाम ननखड़ी तहसील की खमाडी पंचायत के बेती गांव में ओलावृष्टि ने खूब कहर बरपाया। सेब तुड़ान के दौरान शाम छह से सात बजे तक ओलों ने करीब 80 फीसदी फसल को तबाह कर दिया। करीब एक घंटे के दायरे में रुक-रुक कर हुई ओलावृष्टि ने बागवानों की कमर तोड़ कर रख दी।
प्रभावित बागवान विजय सिंह, लापू राम, संतोष कुमार, जवाहर, बाबू राम, केदार, मोहन और भगवान दास सहित अन्य बागवानों ने कहा कि सोमवार देर शाम को हुई ओलावृष्टि ने पल भर में ही सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया। ओलावृष्टि ने सेब की तैयार फसल को करीब 80 फीसदी तबाह कर दिया है। इसके चलते बागवानों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि सेब तुड़ान का कार्य भी शुरू कर दिया था और सेब की फसल को मंडियों में पहुंचाने से पहले ही ओलों ने जमकर कहर बरपाया। ओलावृष्टि ने जहां सेब की तैयार फसल को बरबाद कर दिया, वहीं सेब पौधों के बीमों को भी नुकसान पहुंचाया। इससे आगामी दो-तीन सालों तक फसल होने की उम्मीद भी बहुत कम है। उन्होंने प्रदेश सरकार से ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग उठाई है।
वहीं, अनुसूचित जाति विभाग ब्लॉक कांग्रेस रामपुर के अध्यक्ष चुनी लाल ने स्थानीय प्रशासन से बेती क्षेत्र में ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करने के साथ ही सरकार से नुकसान का उचित मुआवजा देने की गुहार लगाई है। तहसीलदार ननखड़ी वीना ठाकुर ने कहा कि ओलावृष्टि की सूचना मिली है। ओलावृष्टि से हुए नुकसान के आकलन के लिए राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजा जाएगा।