फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur Bushahar News: नहीं पहुंची रही रसोई गैस, चूल्हों की आंच पर पक रहा खाना

विज्ञापन
विज्ञापन
पांच महीने से ठप गैस सिलिंडर आपूर्ति, कथांडी समेत पांच गांवों के ग्रामीणों में रोष
विज्ञापन

. सिलिंडर मिलने का इंतजार करने के बाद खाली हाथ लौट रहे ग्रामीण
. समस्या का समाधान नहीं होने पर दी आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
कोटखाई (रोहड़ू)। उपमंडल कोटखाई के पांच गांवों में रसोई गैस की आपूर्ति नहीं पहुंच रही है। हालात ये हैं कि लोग चूल्हे की आंच पर खाना बनाने के लिए मजबूर हैं। कथांडी, दवानडी, शोषण, रौणी और पजाई गांवों में करीब पांच महीने से घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति ठप है। इस कारण कई परिवारों को मजबूरन लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाना पड़ रहा है, जिससे दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को कई बार संबंधित गैस एजेंसी और प्रशासन के समक्ष उठाया, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। उनका आरोप है कि एजेंसी से संपर्क करने पर केवल यह कहकर टाल दिया जाता है कि फिलहाल इन क्षेत्रों में नियमित गैस आपूर्ति संभव नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों वाले परिवारों को हो रही है। जंगलों से लकड़ी लाना बुजुर्गों के लिए बेहद कठिन है, जबकि धुएं वाले चूल्हों पर खाना बनाने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। बरसात के मौसम में सूखी लकड़ी जुटाना भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। स्थानीय निवासी अंकुश चौहान ने बताया कि हाल ही में एक गांव में रात करीब 11 बजे गैस सिलेंडर से भरा वाहन पहुंचा। सूचना मिलने पर करीब 70 वर्षीय एक बुजुर्ग काफी देर तक सड़क के किनारे सिलेंडर मिलने का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। इससे ग्रामीणों में गैस वितरण व्यवस्था को लेकर नाराजगी और बढ़ गई है। इस मुद्दे को लेकर उपप्रधान राजेश राज चौहान, बालकृष्ण सेंमटा, अंकुश चौहान, ओम प्रकाश चौहान, महेंद्र सेंमटा, प्रताप दीवान, स्वीटी दीवान, अरुण दीवान, रणवीर दीवान, राकेश दीवान, भगत सैनी नेगी, द्रोपती देवी, सुनील चौहान, मोहनलाल चौहान और शिवराम चौहान समेत कई ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों ने उपायुक्त शिमला से गैस एजेंसी के अधिकारियों के साथ शीघ्र बैठक कर इन पांचों गांवों में घरेलू गैस सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो ग्रामीण आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और गैस एजेंसी की होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें