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एचपीएमसी केंद्र में स्प्रे ऑयल, दवाइयां, उपकरण न मिलने से बागवान परेशान : कौल सिंह

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बोले-घंटों कतारों में खड़ा होने के बाद खाली हाथ लौटने को मजबूर बागवान
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
रामपुर उपमंडल के एचपीएमसी केंद्रों में सरकार और एचपीएमसी की नाकामी, उदासीन रवैये के कारण बागवानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एचपीएमसी में न तो स्प्रे ऑयल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और न ही खाद। बागवानों को किसी भी प्रकार का अन्य आवश्यक कृषि सामान भी नहीं मिल पा रहा है। बागवानों को निराश होकर घर लौटना पड़ रहा है। हिमकोफेड के पूर्व अध्यक्ष कौल सिंह नेगी ने एचपीएमसी की अव्यवस्था के कारण बागवानों को पेश आ रही दिक्कतों को लेकर कांग्रेस सरकार पर रोष जताया है। उन्होंने कहा कि इस समय बागवानी कार्यों के लिए स्प्रे ऑयल और खाद की आवश्यकता है, लेकिन एचपीएमसी में उपकरण, खाद, स्प्रे ऑयल और दवाइयां उपलब्ध नहीं हैं। एचपीएमसी केंद्र रामपुर और गोपालपुर डोबी में हाल ही में 300- 300 कैन पहले आओ-पहले पाओ के तहत मुहैया करवाए गए, जोकि ऊंट के मुंह मे जीरा के समान है। यहां लोग कई घंटों कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते रहे और जब टीएसओ के कैन खत्म हो गए, तो कई बागवानों को खाली जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि एचपीएमसी केंद्रों में अभी तक दवाइयों, खादों और उपकरणों के टेंडर भी नहीं हुए हैं। इससे साफ जाहिर है कि सरकार को बागवानों की कितनी चिंता है। सरकार का रवैया बागवानों के प्रति गंभीरता पूर्ण नहीं है। सत्ता में आने से पूर्व कांग्रेस ने बागवानों के हितों की रक्षा करने के बड़े बड़े दावे किए थे, लेकिन आज सच्चाई यह है कांग्रेस के उन दावों की जमीनी स्तर पर पोल खुल रही है। बागवान तरस रहे हैं और परेशान हैं। बागवानों ने एचपीएमसी को भारी मात्रा में सी-ग्रेड सेब बेचा था, लेकिन अभी तक सरकार ने भुगतान नहीं किया है। साथ ही एचपीएमसी के माध्यम से उन्हें कोई भी उत्पादन सामग्री भी उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। बागवान बाजार से महंगे दामों पर सामान खरीदने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि जल्द बागवानों की समस्याओं का समाधान किया जाए। अन्यथा सड़कों पर उतर कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा।
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