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Rampur Bushahar News: धूप कम और अधिक नमी वाले क्षेत्रों में अल्टरनेरिया और मार्सोनिना रोग का खतरा

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ननखड़ी में बागवानों को अल्टरनेरिया और मार्सोनिना रोग प्रबंधन बारे किया जागरूक। स्रोत : विभाग
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ननखड़ी में विशेषज्ञों ने बागवानों को रोग के रोकथाम के लिए किया प्रशिक्षित
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ननखड़ी, नागाधार, आदर्शनगर और मझोली टिप्पर के बागवानों को किया जागरूक
नौणी विश्वविद्यालय और बागवानी विभाग के विशेषज्ञों ने रोगों से निपटने की बताई तकनीक
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। बीते कुछ वर्षों में सेब के बगीचों में अल्टरनेरिया और मार्सोनिना लीफ ब्लॉच रोग की चपेट में सेब के पेड़ों के पत्ते आ रहे हैं। समय से पहले पत्ते झड़ने और रोग लगने के कारण सेब उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है। अल्टरनेरिया और मार्सोनिना रोग के प्रबंधन को लेकर नौणी विश्वविद्यालय और बागवानी विभाग ने विशेष अभियान चलाया है। इसी कड़ी में उपमंडल रामपुर की ननखड़ी तहसील के बागवानों को बागवानी विशेषज्ञों ने सेब की पत्तियों में लगने वाले रोग और उनके प्रबंधन के बारे में प्रशिक्षित किया। विशेषज्ञों ने बताया कि धूप कम और अधिक नमी वाले क्षेत्रों में अल्टरनेरिया और मार्सोनिना रोग का अधिक खतरा है। वर्तमान में अल्टरनेरिया और मार्सोनिना लीफ ब्लॉच रोग रोग सेब उत्पादकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। इन रोगों से समय से पहले सेब के पेड़ की पत्तियां झड़ जाती हैं। इससे उत्पादन और गुणवत्ता में गिरावट आती है। जिन इलाकों में सेब बगीचों में जरूरत से अधिक नमी हो या फिर सेब बगीचों में धूप पूरी तरह से पौधों पर नहीं आ रही, उन क्षेत्रों में ये रोग तेज गति से बढ़ रहे हैं। बेहतर उत्पादन के लिए पेड़ की पत्तियों का होना जरूरी है और इसी से ही पेड़ को प्रकाश संश्लेषण से मिलने वाली ऊर्जा मिल सकती है। विशेषज्ञों ने किसान संवाद और प्रदर्शनों के माध्यम से किसानों को रोगों के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान और अनुशंसित प्रबंधन तकनीकों को अपनाने के लिए जागरूक किया। उन्होंने रासायनिक दवाओं के अंधाधुंध एवं अप्रभावी उपयोग को कम करने का आह्वान किया। बागवानी विभाग रामपुर के विषयवाद विशेषज्ञ डॉ. संजय चौहान ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बागवानों को सेब में लगने वाले अल्टरनेरिया और मार्सोनिना रोगों के प्रबंधन के बारे में प्रशिक्षित करना है। शिविर के तहत गुणवत्तापूर्ण फल उत्पादन के लिए बेहतर वायु संचार और छत्र प्रबंधन को लेकर प्रभावी प्रशिक्षण और छंटाई पर भी जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों ने तीन दिवसीय अभियान के तहत उपमंडल रामपुर की ननखड़ी, नागाधार, आदर्शनगर और मझोली टिप्पर में सैकड़ों बागवानों को अल्टरनेरिया और मार्सोनिना रोगों के प्रबंधन बारे प्रशिक्षित किया। नौणी विवि से आए विशेषज्ञ डॉ. अदिति शुक्ला, डॉ. गोपाल सिंह, डॉ. अनुराग शर्मा, एचडीओ रविंद्र मेहता, उद्यान प्रसार अधिकारी नवनीत ठाकुर और अशोक मेहता ने बागवानों को बगीचों में जाकर रोगों के प्रभावी प्रबंधन और बगीचों के रखरखाव के तरीके बताए।
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