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बागवानों को प्लम के घर-द्वार मिल रहे चोखे दाम

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रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल की लोअर बेल्ट के बागवानों की आर्थिकी का मुख्य स्रोत प्लम का सीजन इन दिनों जोरों शोरों से चल रहा है। हालांकि, इस वर्ष मौसम की मार पड़ने के कारण प्लम की पैदावार बीते वर्ष के मुकाबले काफी कम हुई है, लेकिन बावजूद इसके बागवानों को प्लम के घर-द्वार पर ही बेहतर दाम मिल रहे हैं।
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गौरतलब है कि रामपुर उपमंडल के दत्तनगर, निरसू, तलाई, रचोली, गसोह, स्विच यार्ड, खखरोला, राजपुरा और खनोटू क्षेत्र में प्लम का सीजन शुरू हो चुका है।
इन क्षेत्रों के बागवानों की आय का मुख्य साधन प्लम ही है। मौसम की मार के चलते बीते वर्षों के मुकाबले इस वर्ष बागवानों की 40 प्रतिशत फसल का ही उत्पादन हुआ है, जबकि फ्लावरिंग के दौरान अनुकूल वातावरण न होने के कारण प्लम की सेटिंग सही तरीके से नहीं हो पाई और पैदावार कम हुई। वहीं, प्लम उत्पादकों को ओलावृष्टि और तूफान की मार भी झेलनी पड़ी। रामपुर से दिल्ली मंडी पहुंचाई जा रही प्लम की सेंटारोजा किस्म के दाम 400 से 800 रुपये प्रति पेटी बागवानों को मिल रहे हैं। प्लम की एक पेटी का भार करीब सात किलोग्राम रहता है। प्लम के दाम में इस वर्ष वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, बागवानों की फसल खरीदने के लिए लदानी मौके पर ही पहुंच रहे हैं। ये लदानी बागवानों से 400 रुपये प्रति पेटी खरीद रहे हैं। इसके चलते बागवानों को फसलों के घर-द्वार पर ही बेहतर दाम मिल रहे हैं।
उन्हें अपनी फसल मंडियों के लिए पहुंचाने की चिंता भी नहीं सता रही। क्षेत्र के बागवान सरस्वती ठाकुर, योगराज ठाकुर और नेत्र ठाकुर ने बताया कि सीजन के शुरुआती दौर में उन्होंने दिल्ली मंडी में प्लम की सेंटारोजा किस्म की पेटियां भेजी हैं। प्लम के स्माल साइज का जहां 400 रुपये प्रति पेटी दाम मिला है, वहीं मीडियम 600 और लार्ज 800 रुपये प्रति पेटी बिका है। वहीं, बागवान रविंद्र कायथ ने बताया कि लदानी उनकी फसल 400 रुपये प्रति पेटी गढ़ के हिसाब से खरीद रहे हैं। प्लम के बेहतर दाम मिलने से बागवान खुश हैं।
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