सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले की सांगला वैली को स्वच्छ रखने के लिए प्रदेश सरकार ने सांगला में कलस्टर स्थापित कर कचरा प्रबंधन की मुहिम तो शुरू की, लेकिन मशीनें हांफने के बाद कचरा प्रबंधन का कार्य ठप पड़ गया है। क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों के जन प्रतिनिधियों, युवक मंडलों और महिला मंडलों ने मशीनों को दुरुस्त करने की मांग की है।
कलस्टर की बैठक में निर्णय लिया है कि वैली की विभिन्न पंचायतों में प्रत्येक रविवार को स्वच्छता अभियान चलाए जाएंगे। इसके जरिये ग्रामीणों से अपने परिवेश को स्वच्छ रखने को लेकर जागरूक किया जाएगा। सांगला स्थित आंबेडकर भवन में शनिवार को सांगला कलस्टर की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता कलस्टर के अध्यक्ष प्रदीप नेगी ने की।
बैठक में वैली की 11 पंचायतों से आए जन प्रतिनिधियों, महिला मंडल, युवक मंडल, व्यापार मंडल और कलस्टर के प्रतिनिधि शामिल हुए। लोगों से आह्वान किया गया कि खुले में कचरा ठिकाने न लगाएं। घर, होटल और दुकानों से निकलने वाले कचरे को एकत्रित कर कलस्टर के वाहन को दें। निर्णय लिया कि किल्बा से छितकुल तक आने वाली 11 पंचायतों में क्रमवार हर रविवार को स्वच्छता अभियान चलाए जाएंगे और ग्रामीणों को स्वच्छता के बारे में जागरूक किया जाएगा।
जन प्रतिनिधियों ने कलस्टर में लगाई गई पुरानी मशीनों को दुरुस्त करने की मांग उपायुक्त किन्नौर, बागवानी, राजस्व और जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी से रखी। बैठक में क्षेत्र के लोगों से अपनी-अपनी पंचायतों में स्वच्छता बनाए रखने का आह्वान किया गया। पर्यटन की दृष्टि से अहम सांगला वैली में हर वर्ष हजारों पर्यटकों का आना रहता है।
ऐसे में क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखना काफी महत्वपूर्ण है। वैली में लोगों को जागरूक करने को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई। इस मौके पर सांगला की प्रधान देवसांकी नेगी, कामरू की प्रधान इंदुलक्ष्मी नेगी, शौंग की प्रधान रामप्यारी नेगी, प्रधान चांसू बीरबल लोक्टस, प्रधान थेमगारंग मनोहर देवी नेगी, अध्यक्ष अरुण कुमार नेगी, अंकुश नेगी, श्याम सुंदर नेगी, पूर्व प्रधान रोहित नेगी सहित अन्य मौजूद रहे। संवाद