मझगांव में तीन देवताओं की अगुवाई में पारंपरिक परिधानों में डाली नाटी, ग्रामीणों और देवलुओं ने अपनी संस्कृति संजोने का दिया संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर (किन्नौर)। रूपी वैली से फुल्याच पर्व का शुभारंभ हो चुका है। मेले के तीसरे दिन मझगांव में तीन देवताओं की अगुवाई में ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाटी डाली। ग्रामीणों और देवलुओं ने मेले में पारंपरिक वेशभूषा में सजधज कर अपनी संस्कृति को संजोने का संदेश दिया। गौर हो जिला किन्नौर की रूपी पंचायत के टेरेस नारायण मंदिर से रविवार को फुल्याच पर्व शुरू हुआ। देवलुओं और ग्रामीणों ने जूगयो उख्यांग हो ले रूपी टेरेस नारायण गीत के साथ पर्व का शुभारंभ किया। मंगलवार को तीनों देवता साहिब टेरेस नायारण, सुरू टेरेस नारायण और थंबा वीर मझगांव के थानंग मंदिर पहुंचे। यहां पहुंचने पर ग्रामीणों ने आराध्य देवताओं का फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया। मंदिर में दिनभर ढोल-नगाड़ों की धुनों पर लोग खूब झूमे। अब 31 अगस्त तक मझगांव मंदिर में देवता साहिब का ठहराव होगा और मेले में पारपंरिक वेशभूषा में सजधज कर नाटियों का दौर चलेगा। इस दौरान जहां हजारों लोग अपने आराध्य देवताओं का शुभ आशीर्वाद लेंगे, वहीं दूर-दूर से पहुंचे लोग भी मेले का आनंद उठाएंगे। उसके बाद जिले के कई अन्य क्षेत्रों में फुल्याच पर्व को धूमधाम से मनाएंगे।टेरेस नारायण मंदिर कमेटी मोतमीन करतार सिंह नेगी ने कहा कि आधुनिकता के दौर में भी ग्रामीणों ने अपनी संस्कृति को बचाए रखा है। मेले हमारी संस्कृति के परिचायक हैं। रूपी वैली में फुल्याच पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है।