ऑनलाइन ठगी के साथ-साथ फर्जी दस्तावेज तैयार कर शातिर अब बैंक से भी कर्जा लेकर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। उपमंडल ठियोग में ऐसे ही एक फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। शातिर ने बैंक अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर करीब छह लोगों के नाम पर 56.83 लाख का कर्ज ले लिया। जिन लोगों के नाम पर यह कर्ज लिया गया, जब उन्हें इसका पता चला तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आरोपी के खिलाफ पुलिस थाना ठियोग में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया गया है।
पुलिस के अनुसार शातिर ने बैंक अधिकारियों के मिलकर छह लोगों के नाम पर कर्ज लेकर धोखाधड़ी की। पुलिस में दर्ज शिकायत में इंद्र सिंह व उसकी पत्नी निशा निवासी गांव सरयूंन, अनिल वर्मा निवासी बासा महोग, जगदीश निवासी गांव मतली क्यार, हरीश चौहान निवासी गांव बढियाना और आशा निवासी गांव सरयूंन, तहसील ठियोग जिला शिमला ने आरोप लगाया है कि संजीव कुमार वर्मा निवासी गांव भलेच, तहसील ठियोग, ने फर्जी कागजात पेश कर उनके नाम पर फर्जी तरीके से बैंक से कर्ज ले लिया। पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि संजीव ने वाहन खरीदने, केसीसी लिमिट और ऋण लेने के लिए झूठे दस्तावेजों को निष्पादित करके ऋण लिया है।
उन्होंने बताया कि आरोपी ने बैंक ऑफ इंडिया सरोग से तत्कालीन शाखा प्रबंधक चेत राम ठाकुर और कैशियर विजय कुमार के साथ मिलीभगत कर झूठे और गलत दस्तावेज बनाने के बाद ऋण राशि निकाली। प्रभावितों ने पुलिस में मामला दर्ज करवाकर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उधर, डीएसपी ठियोग सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस गंभीरता से हर पहलू की जांच में जुटी हुई है।
शातिर ने फॉर्च्यूनर गाड़ी भी खरीद ली...
आरोप है कि संजीव कुमार ने इंद्र सिंह के नाम पर 15 लाख, उसकी पत्नी निशा के नाम पर नौ लाख, आशा के नाम से नौ लाख, अनिल वर्मा के नाम पर साढ़े आठ लाख, हरीश चौहान के नाम से आठ लाख और जगदीश के नाम पर 7,33,000 की राशि बैंक से कर्ज के रूप में निकाली। संजीव ने जगदीश के नाम पर एक फॉर्च्यूनर गाड़ी एचपी 95-1767 एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड से वर्ष 2022 में उनके शिमला स्थित निजी भवन की दूसरी और तीसरी मंजिल के गलत कागजात बनाकर अपने नाम पर ली है।