पाथ में लगी निर्माण सामग्री को लेकर लोगों ने उठाए सवाल, सुधार की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला(किन्नौर)।
जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया पैदल पाथ एक साल के भीतर ही परेशानी का सबब बन गया है। इस पैदल पाथ से गुजरने वाले लोग रोजाना दिक्कतें झेल रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने करीब 40 लाख रुपये की लागत से 700 मीटर पैदल पाथ का निर्माण किया था। इसमें लगी सामग्री को लेकर लोगों ने सवाल उठाए हैं। जिला मुख्यालय में एनएचएआई ने पुराने पेट्रोल पंप से पीएनबी तक पैदल पाथ का निर्माण किया है। स्थानीय लोगों ने पैदल पाथ के निर्माण में इस्तेमाल की गई लोहे की शीटों और अन्य कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि एनएचएआई ने रिकांगपिओ में करीब 700 मीटर के दायरे में पैदल पाथ तो बनाया, लेकिन इसमें लगे लोहे की थिकनेस कम होने के कारण आवाजाही करने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस पर चलना जोखिमभरा बना हुआ है। कई जगह पर पैदल पाथ उखड़ गया है, जबकि कई जगह क्षतिग्रस्त हो चुका है। जिला मुख्यालय में रोजाना कल्पा, निचार और पूह तीनों खंडों की 73 पंचायतों के हजारों लोग अपने कार्यों के चलते पहुंचते हैं। एनएचएआई ने वर्ष 2024 को पुराना पेट्रोल पंप से लेकर स्थानीय बाजार से होते हुए पीएनबी तक पैदल पाथ का निर्माण किया था। कोठी पंचायत के प्रधान ओमप्रकाश नेगी, शुदारंग के प्रधान दलीप नेगी, ख्वांगी की प्रधान सत्यादेवी नेगी, दून्नी के प्रधान दीवान सिंह नेगी, पांगी के प्रधान कालजांग मनी नेगी, कल्पा की प्रधान सरीता नेगी, जिप सदस्य सरीता कुसान, समिति सदस्य करुणा नेगी, कोठी के उप प्रधान महेश नेगी, पांगी के उप प्रधान संजीव नेगी, कल्पा के उप प्रधान राजेश नेगी समेत अन्य लोगों ने जिला प्रशासन और एनएचएआई से पैदल पाथ को दुरुस्त करने की मांग उठाई है, ताकि आवाजाही करने वाले लोगों को किसी प्रकार का खतरा न हो।
पैदल पाथ पर कई जगह वाहनों के चढ़ने से क्षति पहुंची है। एक सप्ताह के भीतर इसकी मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- सतीश जोशी, कनिष्ठ अभियंता, एनएचएआई
रिकांगपिओ में एनएचएआई की ओर से बनाए गए पैदल पाथ की हालत बनी खस्ता। संवाद