उपायुक्त के प्रशासनिक नियंत्रण में रहेंगे दस्ते, साप्ताहिक निरीक्षण रिपोर्ट कार्यालय को सौंपेंगे
व्यवस्था 31 दिसंबर तक लागू रहेगी, कृषि और बागवानी उपज विपणन अधिनियम के तहत आदेश जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)।
सेब सीजन 2026 में बाजार यार्डों और मंडियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए किन्नौर जिले में उड़नदस्तों का गठन किया गया है। उपायुक्त अमित कुमार शर्मा ने हिमाचल प्रदेश कृषि और बागवानी उपज विपणन (विकास और विनियमन) अधिनियम-2005 की धारा 59 के तहत यह आदेश जारी किया है। ये दस्ते उपमंडल, तहसील और उपतहसील स्तर पर कार्य करेंगे। ये दस्ते उपायुक्त के प्रशासनिक नियंत्रण में रहेंगे और सेब सीजन-2026 के दौरान साप्ताहिक निरीक्षण रिपोर्ट कार्यालय को सौंपेंगे। यह व्यवस्था 31 दिसंबर तक लागू रहेगी। इन दस्तों का मुख्य उद्देश्य गुणवत्ता, वजन, माप और बाजार नियमों के पालन का निरीक्षण करना है। उपायुक्त ने 15 जुलाई को हुई एक बैठक के निर्देशों के बाद इन दस्तों का गठन किया। हिमाचल प्रदेश सरकार के कृषि सचिव की 6 अप्रैल 2023 की अधिसूचना के तहत अधिकारियों को निरीक्षण के लिए सशक्त किया गया था। प्रत्येक उड़नदस्ते में एक अध्यक्ष, बागवानी विभाग का एक सदस्य और कृषि या कृषि उपज विपणन समिति का एक सदस्य शामिल होगा। उपमंडल स्तर पर अतिरिक्त जिलाधिकारी पूह और उपमंडल अधिकारी (नागरिक) कल्पा व निचार अध्यक्ष होंगे। तहसील स्तर पर नायब तहसीलदार कल्पा, तहसीलदार निचार, मूरंग, पूह और सांगला अध्यक्ष होंगे। उपतहसील स्तर पर नायब तहसीलदार हांगरांग और तापरी अध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे। उड़नदस्तों के साथ पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में जोड़ा जा सकता है। इनमें जिला परिषद सदस्य, खंड विकास समिति सदस्य और ग्राम पंचायत प्रधान शामिल होंगे। इनका उद्देश्य स्थानीय हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित करना है। ये बागवानों और व्यापारियों के बीच नियामक जागरूकता भी फैलाएंगे। हालांकि, इन विशेष आमंत्रित सदस्यों के पास अधिनियम की धारा 59 के तहत कोई वैधानिक शक्ति नहीं होगी।उड़नदस्तों को अपने अधिकार क्षेत्र में मंडियों और बाजार यार्डों का निरीक्षण करने का अधिकार है। वे गुणवत्ता, वजन, माप और बाजार नियमों के पालन की जांच करेंगे। दस्ते के सदस्य अध्यक्ष को निरीक्षण, रिपोर्टिंग और प्रवर्तन कार्यों में सहायता करेंगे। यह कदम बाजार में पारदर्शिता और नैतिकता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। यह सेब उत्पादकों और व्यापारियों के हितों की रक्षा करेगा।