उत्तराखंड वेली ब्रिज बनाने के एलान से बंधी लोगों की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहडू। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के डोडरा क्वार दौरे से दूरदराज क्षेत्र के लोगों की कई मुश्किलें आसान होने की उम्मीद बंधी है। सर्दियों में पांच से छह महीने हिमपात के बाद चांशल घाटी में इस क्षेत्र की सड़क बंद होने पर वाया उत्तराखंड आल वेदर सड़क की मांग पूरी होने की राह आसान हो गई है।
मुख्यमंत्री से डोडरा क्वार क्षेत्र से उत्तराखंड की सीमा सड़क का शिलान्यास कर खड्ड़ पर पुल के लिए आली खड्ड पर दो राज्यों की सीमा के बीच बैली ब्रिज के लिए साढ़े चार करोड़ प्रदान करने की घोषणा भी की है। इस पुल और सड़क के बनने से डोडरा-क्वार को 12 महीने क्नेकटिविटी मिलेगी। उधर से उत्तराखंड सरकार भी धौला से आली खड्ड तक डोडरा क्वार के लिए सड़क बनाने की पहले ही औपचारिकता पूरी कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने जिस्कून और जाखा के बीच बनने वाले दो पुलों के लिए पूरा धन उपलब्ध करवाने की घोषणा तीन गांवों के विकास में मील का पत्थर बन सकती है। उन्होंने 12 किलोमीटर लंबी पंडार सड़क निर्माण के लिए एफसीए की सभी औपचारिकताएं जल्द से जल्द पूरी करने के निर्देश जन सभा में दिए हैं। अभी तक पंडार के लोगों को चमडार से आगे करीब बारह किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ता है। जांखा व पंडार डोडरा क्वार उपमंडल का सबसे दूरदराज का गांव है। शिमला जिले का सबसे दूर पर सबसे उंचाई वाला मतदान केंद्र भी पंडार ही है।
डोडरा क्वार के लिए सड़क निर्माण का कार्य हालांकि वर्ष 2008 में पूरा हो चुका है। तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल क्वार हैलीपेड पर उतरने के बाद इस मार्ग से पहली बार रोहडू तक पहुंचे थे। उसके बाद सरकार इस सड़क को पक्का करने के लिए पहले ही बजट का प्रावधान कर चुकी है। सर्दियों में 13 हजार फीट की ऊंचाई पर चांशल दर्रे में हिमपात के बाद सड़क हर साल पांच से छह महीने यातायात के लिए बंद रहती है। नवंबर-दिसंबर में पहले हिमपात के बाद सड़क मार्च अप्रैल तक बंद हो जाने से डोडरा क्वार क्षेत्र की पांच पंचायतों का संपर्क कट जाता है। हर लोकसभा और विधानसभा चुनाव में क्षेत्र के लोगों को वाया उत्तराखंड के धौला होकर सड़क बनाने के नेता आश्वासन देते रहे। उत्तराखंड सरकार के मंत्री भी चुनाव प्रचार के दौरान लोगों को आल वेदर सड़क बनाने का आश्वासन देते रहे। उत्तराखंड के सेवा, मसरी, दूनी गांव के लोगों ने वहां की सरकार पर अपने गांव को सड़क से जोड़ने के लगातार दबाव बनाए। उत्तराखंड के साथ डोडरा और क्वार की पूरी सीमा सटी है। यहां के कई लोगों की जमीनें उत्तराखंड में मौजूद हैं। अब उत्तराखंड वन विभाग की भी सड़क को मंजूरी मिल चुकी है। हिमाचल सरकार की ओर से अर्ली खड़ पर पुल के निर्माण के एलान से यहां के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की संभावनाएं साफ हो गई हैं। दूरदराज क्षेत्र में मुख्यमंत्री के इस दौरे ने लोगों की कई मांगों को पूरा होने की उम्मीद बांधी है।