सांगला (किन्नौर)। जिले के कल्पा खंड के कई हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में फैले जंगल धू-धू कर जल रहे हैं। यह सिलसिला कई दिन से जारी है। लगातार दहक रहे जंगल पर वन विभाग और ग्रामीण आग पर काबू पाने में असफल हो रहे हैं। तेज हवाओं से भड़क रही आग से करोड़ों की वन संपदा और वन्य प्राणियों को नुकसान पहुंच रहा है। यही नहीं, आग लगने से बेशकीमती जड़ी-बूटियां भी जलकर राख हो रही हैं। हालांकि, वन विभाग के कर्मचारी और ग्रामीण आग बुझाने के हरसंभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों से तेज हवाओं के चलते वनों में लगी आग पर काबू नहीं पाया जा रहा हैै। जिले के छितकुल में पिछले 15 दिन से नौंशंग जंगल में आग लगी है। ग्रामीणों और वन विभाग ने आग को बुझाने का प्रयास किया लेकिन दोबारा आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया है।
क्षेत्र के लोगों ने वन विभाग से जंगलों में आग लगाने वाले शातिर लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई है। वहीं, प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और वन विभाग के उच्च अधिकारियों से आग बुझाने के लिए स्पेशल टीम के गठन की मांग की है।
उधर, वाइल्ड लाइफ डीएफओ सराहन धर्मवीर ने कहा कि आग बुझाने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में तो फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंच पाती है। वन विभाग की टीम और ग्रामीण फायर लाइन काट कर जंगलों में लगी आग को बुझाने में जुटी हुई है।
इन दिनों वन पाल मनमोहन सिंह नेगी, बीट गार्ड छितकुल गोपाल नेगी, बीट गार्ड रक्षम छाया नंद, बीट गार्ड बटसेरी संजीव कुमार के साथ रक्षम और छितकुल के ग्रामीण लगातार आग को बुझाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन तेज हवाओं से आग को काबू करने में समय लग रहा है। वनपाल मनमोहन सिंह नेगी ने कहा कि इसके अतिरिक्त आधा दर्जन से अधिक फायर वाचर और डेढ़ दर्जन से अधिक नेपाली मूल के लोगों का भी लगातार सहयोग लिया जा रहा है।