आग ने शिल्ला-बंगला के जंगलों में मचाई तबाही
जिज्ञासा फाउंडेशन नित्थर में उठाया फायर लाइन काटने का मुद्दा
कहा, फायर लाइन काटी होती तो बच जाते पचास साल से ज्यादा उम्र के पेड़
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। नित्थर के शिल्ला-बंगला फॉरेस्ट साइट के जंगलों में भड़की आग की चपेट में बेशकीमती देवदार और सेब के दर्जनों पेड़ आ गए हैं। आग की इस घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों सहित जिज्ञासा फाउंडेशन नित्थर ने रोष जताया है। ग्रामीणों ने कहा कि यहां के लिए सड़क होती, तो देवदार और सेब के दर्जनों पेड़ आग से बच जाते। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि रेंज ऑफिस नित्थर से एक किलोमीटर की दूरी पर आग की घटना पेश आई है। वन विभाग ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इस आग से सेब बाहुल क्षेत्र शीलाबाग, एडशी में भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय ग्रामीण भूपिंद्र ठाकुर का कहना है कि आग से 60 से 80 साल के देवदार के पेड़ और सेब के पौधे नष्ट हो गए हैं। साथ में करीब 30 हजार की सेब के लिए लगाई गई सेफ्टी तार भी आग की भेंट चढ़ गई है। वन विभाग का एक भी कर्मचारी इस आग को बुझाने नहीं आया। प्रशासन और पंचायत से भी कोई प्रतिनिधि नहीं आया है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से नुकसान का मुआवजा देने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि अगर शिल्ला बाग और एडशी के लिए सड़क होती, तो इतना नुकसान नहीं होता। ग्रामीण लंबे समय से सरकार से सड़क सुविधा की मांग उठा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं। जिज्ञासा फाउंडेशन नित्थर के अध्यक्ष प्रदीप रंगून ने कहा कि हर साल हमने और वन विभाग ने हजारों पौधे नित्थर में कई जगह लगाए, लेकिन वे सभी छोटे पौधे इस आग से पूरी तरह से जलकर राख हो गए हैं और वन विभाग आग पर काबू पाने में नाकाम है।
आग पर काबू पा लिया है। हम आग पर काबू पाने के लिए ब्लोअर ला रहे हैं, जो आग बुझाने में सहायक है। देवदार के पेड़ को बड़ा होने में पचास से ज्यादा साल लग जाते हैं। जंगलों में आग किसने लगाई, ये भी लोग नहीं बताते हैं, कैसे किसी के ऊपर कार्रवाई कर सकते हैं।
- सोहन लाल, रेंज ऑफिसर नित्थर
नुकसान का जायजा लेने के लिए मौके पर पटवारियों को भेजा गया है। नुकसान का आकलन पटवारियों की ओर से किया जा रहा है।
- रजत शर्मा, तहसीलदार निरमंड
- संवाद
नित्थर के शिल्लाबंगला फारेस्ट साईट में लगी आग । संवाद