ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। रघुनाथ की मंचखंडी से अपने मंदिर वापसी के साथ जिला स्तरीय दशहरे मेले का समापन हो गया है। बुधवार को चार देवताओं और देवलुओं के साथ रघुनाथ को रथ से मंदिर परिसर तक पहुंचाया गया, जहां से पालकी में रघुनाथ मंदिर तक पहुंचाया गया।
रथ यात्रा में रघुनाथ के साथ देवता बसारा दत्तमहाराज, देवता नाग बोंडा, देवता लक्ष्मीनारायण मंझगांव और देवता निनसु धराली रघुनाथ मंदिर तक पहुंचे। रथयात्रा से पहले देवलुओं ने थोड़ी देर तक नाटी डालकर मेले का आनंद लिया। रथयात्रा और रघुनाथ के दर्शन को सराहन और आसपास के लोग भी जुटे। तीन दिन मेला भले ही न लगा हो, लेकिन आखिरी दिन काफी लोग रघुनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। लोगों ने बाहर से आए देवताओं का आशीर्वाद भी लिया।
रघुनाथ मंचखंडी की वापसी से पहले आरती की गई। उसके बाद रथयात्रा शुरू की गई, तो लोग रघुनाथ के दर्शन को काफी उत्सुक दिखे और जय श्रीराम के नारों के साथ रघुनाथ को रथ और पालकी से मंदिर तक पहुंचाया गया। राम जी की निकली सवारी, राम जी की लीला है न्यारी भजन के साथ नाचते गाते मंदिर परिसर तक पहुंचाया गया। रथ यात्रा में महिलाओं ने भी रथ खींच कर पुण्य कमाया।
इस मौके पर नायब तहसीलदार डीसी नेगी, न्यास सहायक अधिकारी मदन, भगत सिंह, भीमाकाली मंदिर के मुख्य पुजारी पूर्ण चंद शर्मा, गूर सोहन लाल, शीशी राम मेहता, उपप्रधान गीतादत्त, देवलुओं सहित पुलिस प्रशासन मौजूद रहा।