रामपुर बुशहर। कोरोना संक्रमण ने इस वर्ष देश दुनिया में दहशत का माहौल कायम किया है। इसके चलते जहां देश भर में आर्थिक मंदी का दौर शुरू हो गया है, वहीं कई ऐतिहासिक मेलों और अनुष्ठानों को भी कोरोना के कारण रद्द करना पड़ा है। रामपुर उपमंडल की शलाटी घोड़ी में आयोजित होने वाला शाड़ की जातर मेला भी इस वर्ष कोरोना की भेंट चढ़ा है।
गौर हो कि रामपुर उपमंडल की भड़ावली पंचायत में दशकों पुरानी परंपरा को संजोए हुए शाड़ की जातर मेले का इस वर्ष आयोजन नहीं हो पाएगा। कोरोना संक्रमण के खौफ को देखते हुए देवता साहिब लक्ष्मी नारायण कुमसू के आदेशानुसार मंदिर कमेटी ने मेला न करवाने का फैसला लिया है। दशकों से शलाटी घोड़ली में शाड़ की जातर मेला हर वर्ष धूमधाम से आयोजित होता रहा है। इस मेले के दौरान देवता साहिब लक्ष्मी नारायण कुमसू क्षेत्र के हर गांव में जाकर मेला सजाते रहे हैं। इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते हजारों ग्रामीणों को देवता साहिब के आशीर्वाद से वंचित रहना पड़ेगा। शाड़ की जातर मेले के दौरान देवता साहिब जून माह की 17 तारीख को अपने मंदिर से क्षेत्र के भ्रमण पर निकलते थे। भ्रमण का पहला पड़ाव खखरोला गांव, दूसरा राजपुरा, तीसरा करेरी और चौथा दौरा रसेंदली गांव का रहता था। इसके बाद मसारना गांव से शाड़ की जातर मेले का आगाज होता था और क्षेत्र के छलावट, कमलाऊ, भड़ावली गांव में मेले का खूब दौर चलता था। वहीं इसके बाद देवता साहिब की मौजूदगी में नोगली में तीन दिवसीय मेले के साथ ही शाड़ की जातर मेला समाप्त हो जाता था।
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष गुलाब चौहान, भंडारी सोहन लाल, गुर कर्मचंद और सोनू कायथ ने बताया कि देवता साहिब लक्ष्मी नारायण के आदेशानुसार इस वर्ष मेला न करवाने का फैसला लिया गया है।