रामपुर बुशहर। इस बार जिला स्तरीय फाग मेला 11 मार्च से रामपुर के पद्म पैलेस में शुरू होगा। रामपुर नगर परिषद की ओर से करवाए जाने वाले इस जिला स्तरीय फाग मेले में क्षेत्र के 16 देवी-देवता शोभा बढ़ाएंगे। नगर परिषद ने इस बार 16 देवी-देवताओं को मेले में शिरकत करने के लिए न्योता भेजा है। नगर परिषद की बैठक में जिला स्तरीय फाग मेले को लेकर यह फैसला लिया गया। वहीं बैठक में इस बार देवी-देवताओं के नजराने में 5 से 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी करने का भी फैसला लिया गया है।
शलाटी घोड़ी क्षेत्र के आराध्य लक्ष्मी नारायण देवता कुमसू दशकों बाद फाग मेले में शिरकत करेंगे। कई दशकों बाद देवता साहिब फाग मेले की शोभा बढ़ाने पहुंचेंगे। देवता के आगमन को लेकर शलाटी घोड़ी के लोगों में काफी हर्ष है।
चार दिवसीय फाग मेला रामपुर में 11 मार्च से शुरू होगा। राजमहल परिसर में जहां देवी देवता मेले की रौनक बढ़ाएंगे, वहीं, एनएच के दोनों ओर व्यापारियों की दुकानें सजेंगी। इस वर्ष मेले में 16 देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजा गया है। बीते दिनों आयोजित नगर परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि जो देवता हर बार मेले में शिरकत करते हैं, उनके नजराने में 5 फीसदी बढ़ोतरी की जाए। वहीं जो देवी-देवता काफी समय के बाद मेले में पहुंच रहे हैं, उनके नजराने में 10 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। राज दरबार में फाग मेले की हर वर्ष धूम रहती है। नप के पार्षदों ने स्टॉल आवंटन के रेट में भी बढ़ोतरी करने पर चर्चा की है। मेले के सफल आयोजन को लेकर जल्द ही नगर परिषद की अगली बैठक आयोजित होगी।
उधर, कार्यकारी अधिकारी नप विपिन ठाकुर ने कहा कि जिला स्तरीय फाग मेले की शोभा बढ़ाने के लिए 16 देवी-देवताओं को निमंत्रण पत्र भेजे गए हैं। इस बार देवी देवताओं के नजराने में 5 से 10 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है।
नप ने इन देवी देवताओं को भेजा निमंत्रण
इस बार देवता साहिब जाख रचोली, देवता साहिब बसाहरू, देवता साहिब गसो, बाड़ी देवी, दमुख देवता साहिब डंसा, खडाहण देवता, छिज्जा कालेश्वर देवता देवठी, देवता साहिब चंतरखंड ब्रांदली, धारा सरगा, देवी खमाड़ी, शिंगला देवता, देवता साहिब लक्ष्मी नारायण कुमसू, चाटी देवता, चंभू कशोली देवता, तलारा देवता और छोटी का देवता को नगर परिषद ने न्योता भेजा है।
चार जिलों से श्रद्धालु पहुंचते हैं यहां
गौर हो कि हर वर्ष शिवरात्रि से एक रोज पूर्व देवढांक मंदिर में शिव भक्तों का आना शुरू हो जाता है। निरमंड उपमंडल की 26 पंचायतों सहित शिमला, किन्नौर और मंडी जिले के श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर में रात भर जागरण कर श्रद्धालू भगवान भोलेनाथ की अराधना करते हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए मंदिर कमेटी द्वारा भंडारे का आयोजन भी किया जाता है। शिवारात्रि की सुबह चार बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुल जाते हैं और शिव के दर्शन को भक्तों का तांता लगना शुरू हो जाता है। कई घंटों के इंतजार के बाद श्रद्धालु शिवलिंग के दर्शन कर पाते हैं। शिव भक्त बेलपत्र, कनेरी, बड़पत्र सहित अन्य प्रकार का प्रसाद महादेव को अर्पित कर सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इसके बाद भक्त नंदी महाराज के दर्शन को रवाना होते हैं।