रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में फैले कोरोना संक्रमण के स्वरूप की दिल्ली के विशेषज्ञ जांच करेंगे। जिले में कोरोना के दो टीके लगाने के बाद भी दो लोगों को संक्रमण ने अपनी चपेट में लिया है।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने दोनों के सैंपल लेकर दिल्ली भेजे हैं और इनकी रिपोर्ट आने के बाद ही जिले में फैले संक्रमण का स्वरूप पता लग सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के लोगों को अधिक सतर्कता बरतने और सुरक्षित घरों पर रहने की अपील की है।
गौर हो कि जनजातीय जिला किन्नौर के दो लोगों को कोरोना वैक्सीन की दो डोज लगने के बाद भी दोनों कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
दोनों के संक्रमित पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग भी सोचने पर मजबूर हो गया है कि वैक्सीनेशन के बाद दोनों को संक्रमण ने अपनी चपेट में कैसे लिया। जिले में संक्रमण के स्वरूप पर भी स्वास्थ्य विभाग चिंतित है और इसकी जांच के लिए विभाग ने दोनों के सैंपल लेकर जांच के लिए दिल्ली स्थित होल जेनेटिक सिकेंसिड प्रयोगशाला भेजे हैं। यहां से रिपोर्ट आने के बाद ही जिले में फैले कोरोना संक्रमण के स्वरूप का भी खुलासा हो पाएगा।
वहीं, रिकांगपिओ के एक 48 वर्षीय व्यक्ति में वैक्सीन की पहली डोज लगवाने के 6 दिन बाद कोरोना के लक्षण पाए गए हैं। उक्त व्यक्ति ने 23 अप्रैल को कोरोना वैक्सीन का टीका लगाया था, जबकि 30 अप्रैल को वह संक्रमित पाया गया। 2 मई को शिमला से आई रिपोर्ट के बाद इसका खुलासा हुआ है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनम नेगी ने कहा कि जिले में कोविड वैक्सीन के दो टीके लगने के बाद भी 2 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं। दोनों के सैंपल लेकर जांच के लिए दिल्ली की प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जिले में किस किस्म का कोरोना संक्रमण फैला है। पहले वैक्सीनेशन सुरक्षा कवच नहीं बनाती, जबकि दूसरी डोज लगाने के 14 दिन बाद सुरक्षा कवच तैयार हो जाता है। दो टीके लगने के बाद भी जिले में संक्रमण लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है, जो जांच का विषय है। दिल्ली से रिपोर्ट आने के बाद ही जिले में फैले संक्रमण के स्वरूप पता लग सकेगा। उन्होंने जिले की जनता से अपील की है कि अपने आपको सुरक्षित रखें। भीड़भाड़ में जाने से बचें और सुरक्षा नियमों की पालना करें।