प्रदेश के 12 खेल छात्रावासों में हुए ट्रायल, दत्तनगर का नहीं जुड़ पाया नाम
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उद्घाटन के बाद भी खेल छात्रावास दत्तनगर में शुरू नहीं हुई खेल गतिविधियां
साल 2020 से राजनीतिक और विभागीय उपेक्षा का शिकार बना खेल छात्रावास
करोड़ों खर्चे के बाद भी युवाओं को नहीं मिल रहा खेल प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर क्षेत्र सहित चार जिलों के दुर्गम क्षेत्र के युवाओं की निराशा कब दूर होगी। प्रदेश के 12 खेल छात्रावासों के लिए युवा खिलाड़ियों के ट्रायल हुए, लेकिन दत्तनगर खेल छात्रावास इसमें अपना नाम इस वर्ष भी नहीं जोड़ पाया। उद्घाटन के एक वर्ष बाद भी यहां खेल गतिविधियां शुरू नहीं हो पाई हैं। साल 2020 से यह खेल छात्रावास राजनीतिक और खेल विभाग की उपेक्षा का शिकार हो रहा है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी चार जिले के युवा इस खेल छात्रावास के लाभ से वंचित हैं। इसे सरकार की नाकामी कहें या फिर विभाग की अनदेखी। छात्रावास के निर्माण के सात वर्ष के बाद भी खिलाड़ियों को खेल छात्रावास दत्तनगर का लाभ नहीं मिल पाया है। बीते 24 अप्रैल को प्रदेश के 12 खेल छात्रावासों में प्रशिक्षण के लिए खिलाड़ियों के ट्रायल हुए, लेकिन दत्तनगर खेल छात्रावास में इस वर्ष भी ट्रायल नहीं हुए। क्षेत्र के युवाओं को उम्मीद थी कि छात्रावास का उद्घाटन होने के बाद अब यहां खेल गतिविधियां शुरू हो पाएंगी, लेकिन उनकी उम्मीदों पर फिर पानी फिर गया। ऐसे में युवाओं में भी रोष है। जो युवा इस वर्ष ट्रायल दे सकते थे, उन्हें अब अगले वर्ष प्रशिक्षण प्राप्त करने का लाभ नहीं मिल पाएगा। करीब 10 करोड़ की लागत से बने इस खेल छात्रावास का बीते वर्ष मार्च में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उद्घाटन किया था। यहां युवा खिलाड़ियों को वॉलीबाल और बॉक्सिंग की प्रशिक्षण दिया जाना प्रस्तावित है। करोड़ों की लागत से इंडोर स्टेडियम और बहुमंजिला हॉस्टल का निर्माण किया गया, लेकिन अव्यवस्था का शिकार हुआ यह खेल छात्रावास कब तक यूं ही रहेगा, युवाओं में इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। खेल विभाग के मुताबिक अभी इस हास्टल को उसके अधीन नहीं लिया गया है। खेल छात्रावास में अभी भी निर्माण से संबंधी कई खामियां हैं , जिसे दूर किया जाना जरूरी है। खेल छात्रावास का न खुलना युवाओं के भविष्य के साथ सरेआम खिलवाड़ है।
खेल छात्रावास लोक निर्माण विभाग और खेल विभाग के बीच में झूल रहा है। ऐसे में चार जिले के युवा खेल प्रशिक्षण से वंचित हैं। वर्षों से युवा खेल छात्रावास के खुलने की आस लगाए बैठे हैं। - राजेंद्र ठाकुर, दत्तनगर पंचायत प्रधान
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खेल छात्रावास दत्तनगर में अभी कई काम होने बाकी हैं। कार्य पूरा होने के बाद ही खेल विभाग इसे अपने अधीन लेगा। राकेश धौहटा, जिला खेल अधिकारी शिमला