रिकांगपिओ (किन्नौर)। राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने बुधवार किन्नौर में जिला शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने शिक्षा के आधारभूत ढांचे को विकसित करने और गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। जगत सिंह नेगी ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार दुर्गम व दूरस्थ क्षेत्रों में घरद्वार पर गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश के 21वें स्थान से वर्तमान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 5वें स्थान पर आने का उल्लेख किया। मंत्री ने राजीव गांधी आदर्श डे-बोर्डिंग स्कूल कल्पा के निर्माणाधीन कार्यों पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। नेगी ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य में 150 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न आरंभ किया है। जनजातीय जिला किन्नौर में निचार, भावानगर, सांगला, रिकांगपिओ और कानम स्कूलों को इसके लिए चिह्नित किया गया है। इसका उद्देश्य वंचित और निर्धन बच्चों को आधुनिक शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने जिला में रिक्त शिक्षकों के पदों को चरणबद्ध तरीके से शीघ्र भरने का आश्वासन भी दिया। बागवानी मंत्री ने जिला के स्कूलों में खेल गतिविधियों की उपलब्धियों पर चर्चा की। उन्होंने विशेषकर अंडर 14 और अंडर 19 वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। नेगी ने प्रधानाचार्यों से खेल-कूद प्रतियोगिताओं को बढ़ावा देने का आह्वान किया। इससे विद्यार्थियों का शारीरिक, बौद्धिक और मानसिक विकास संभव हो सकेगा। उप निदेशक उच्चतर कुलदीप सिंह डोगरा ने बैठक का संचालन किया। उन्होंने शिक्षा विभाग की विभिन्न गतिविधियों से मंत्री को अवगत करवाया। बैठक में उप मंडलाधिकारी कल्पा प्रवीण भारद्वाज और सहायक आयुक्त विपिन कुमार उपस्थित रहे। उप निदेशक शिक्षा (गुणवत्ता) सुशील कुमार शर्मा और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ललित कुमार जरयाल भी मौजूद रहे।