बाहली में सावन मेले में ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाटी डालते ग्रामीण। संवाद
बाहली में सावन मेले में ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमे लोग
दो दिनों तक महिलाओं, ग्रामीणों और देवलुओं ने चलाया नाटियों का दौर
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल की बाहली पंचायत में ऐतिहासिक सावन मेला धूमधाम से मनाया गया। बुधवार को देव विदाई के साथ ऐतिहासिक मेला संपन्न हुआ। आराध्य देवता मंगलेश्वर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देकर देवालय लौटे। क्षेत्र के लोगों ने क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। मेले में महिलाओं, ग्रामीणों और देवलुओं ने नाटियों का खूब दौर चलाया। पारंपरिक मेले में ग्रामीण ढोल-नगाड़ों की थाप पर खूब झूमे। आराध्य देवता साहिब मंगलेश्वर के सानिध्य में मेला मनाया गया। दो दिवसीय मेले में देवता साहिब मंगलेश्वर ने शिरकत कर मेले का शोभा बढ़ाई। मेले में सैकड़ों ग्रामीणों ने देवता साहिब के समक्ष शीश नवाया और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। मेले में दूरदराज से लोग पहुंचे और नाटियों का भरपूर लुत्फ उठाया। मेले में महिलाओं, बुजुर्गों, पुरुषों और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाटी डाली। देर शाम तक ग्रामीण वाद्ययंत्रों की धुनों पर झूमते रहे। पीयूष मेहता, सोनू भलूनी, राजेश भलूनी, भरत मेहता, महावीर नेगी, मोनू भलूनी और निखिल नेगी सहित अन्य युवाओं ने कहा कि आधुनिकता के दौर में भी सदियों पुरानी परंपरा का दायित्व बखूबी निभाया जा रहा है। मेले हमारी प्राचीन सभ्यता, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजन हमारी लोक कलाओं, परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखते हैं। मेलों से लोगों में एकता और भाईचारे की भावना बढ़ती है। हमारी संस्कृति को सुरक्षित रखने का कार्य करते हैं।