बोर्ड के 1200 से अधिक तकनीकी कर्मचारियों को वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ ने लंबित पदोन्नतियों को लेकर बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने प्रबंधन को 10 दिनों के भीतर पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने का अल्टीमेटम दिया है। मांगें पूरी न होने पर तकनीकी कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। प्रदेश महामंत्री चमन लाल शर्मा और प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि राज्य विद्युत बोर्ड के 1200 से अधिक तकनीकी कर्मचारी वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इनमें आईटीआई और नॉन-आईटीआई दोनों तरह के कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारियों ने पदोन्नति के लिए निर्धारित सेवा अवधि और सभी पात्रता पूरी कर ली है। हालांकि, संशोधित नियमों के कारण पदोन्नति प्रक्रिया ठप पड़ी है। इससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है। यूनिट रोहड़ू के अध्यक्ष सतीश चौधरी और सचिव मनोज ने संयुक्त बयान जारी किया। जुब्बल इकाई के अध्यक्ष रोशन लाल शर्मा, सचिव अंकित शर्मा और चिड़गांव इकाई के अध्यक्ष नितिन भी इस बयान में शामिल थे। उन्होंने कहा कि फील्ड स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों के बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं। इससे मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया है। मानसून के दौरान बिजली आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए कर्मचारी दिन-रात कार्य कर रहे हैं। रिक्त पद न भरने और पदोन्नतियां लंबित रहने से कार्य का दबाव लगातार बढ़ रहा है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य बिजली आपूर्ति बाधित करना नहीं है। उन्होंने कहा, उपभोक्ताओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कर्मचारी अपनी नियमित सेवाएं जारी रखेंगे तथा विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से किया जाएगा। चमन लाल शर्मा और सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि जुब्बल-कोटखाई, रोहड़ू और चिड़गांव इकाइयों के कर्मचारियों ने प्रदेश कार्यकारिणी के निर्णय का पूर्ण समर्थन किया है। यदि 10 दिनों के भीतर पदोन्नति प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो प्रदेशभर में तकनीकी कर्मचारी काले बिल्ले लगाकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे।