ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग की केल्वी में 60 घंटों से बत्ती गुल है। सेब सीजन जोरों पर है और ऐसे में बिना बिजली के सेब कारोबार प्रभावित हो रहा है। रविवार को पंचायत में बिजली की सप्लाई के लिए लगाया गया ट्रांसफार्मर जल गया है। ऐसे में तीन दिन से बिजली की आपूर्ति नहीं हो रही है। इससे ग्रामीणों में रोष है।
बागवानों सहित स्थानीय लोगों ने बोर्ड के खिलाफ रोष जताते हुए अब आंदोलन का फैसला लिया है। गौरतलब है कि पिछले एक साल में चार बार ट्रांसफार्मर जल चुका है। रोगी, केल्टी और वाजवी के ग्रामीणों को इससे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बोर्ड की ओर मत्याना से गाड़ी भेज कर बद्दी से ट्रांसफार्मर मंगवाया जाता है। इसमें दो से तीन दिन लग जाते हैं। रविवार को भी पंचायत के पकयाणा गांव में लगा बिजली की ट्रांसफार्मर जल गया। इससे गांव रोगी, वाजवी, केल्वी के सैकड़ों ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और खासकर बागवानों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
पंचायत प्रधान कमलेश शर्मा के अनुसार विद्युत बोर्ड की ओर से पुराने ट्रांसफार्मर ही रिपेयर कर लगा दिए जाते हैं। एक-दो माह के बाद भी यह हांफ जाता है। बिजली आपूर्ति को सुचारु रूप से चलाने के लिए बोर्ड को पहले ही अतिरिक्त ट्रांसफार्मर रखने चाहिए। अगर अब जल्द ही उक्त समस्या से स्थायी तौर पर राहत नहीं मिली तो आंदोलन छेड़ा जाएगा। ग्रामीण रामनंद शर्मा, राजेंद्र वर्मा, पूर्व प्रधान मंदिर कमेटी तारा चंद चंदेल, इंद्रजीत, सीमा और अनिल वर्मा के अनुसार बिजली बोर्ड के लापरवाही रवैये से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं इस संबंध में विद्युत बोर्ड के एसडीओ गुरदास शर्मा के अनुसार बिजली गिरने के कारण ट्रांसफार्मर अधिक जल रहे हैं। मंगलवार देर शाम तक पकयाणा में ट्रांसफार्मर लगाकर विद्युत आपूर्ति कर दी जाएगी। पकयाणा में ट्रांसफार्मर 2014 में स्थापित किया गया था।