रिकांगपिओ (किन्नौर)। जिले में लॉकडाउन के बीच मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईद-उल फितर का त्योहार बंद कमरे में मनाया। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ध्यान रखा गया। लोगों ने मुंह पर मास्क लगाकर अल्लाह से कोरोना वायरस से मुक्ति, देश की सुख-समृद्धि और सद्भावना की दु्आ मांगी।
कर्फ्यू की वजह से मुस्लिम धर्मगुरु का किन्नौर में प्रवेश नहीं हो पाया था। इससे पहले रिकांगपिओ में हजारों मुस्लिम समुदाय के लोग पुलिस ग्राउंड में नमाज पढ़ते थे। इस बार किन्नौर में ईद उल फितर बड़ी सादगी से घर की चारदीवारी में मनाया गया। इस मौके पर रजाक, आलम, मस्तीन, रहित, अनमरोल और हजमुदीन ने बताया कि ईद उल फितर इस्लाम मजहब का एक पवित्र त्योहार है। रमजान माह की समाप्ति के बाद चांद को देखकर इस त्योहार को मनाने की परंपरा है। रजाक ने बताया कि कर्फ्यू के दौरान जिला प्रशासन ने चावल, आटा, दाल, तेल, हल्दी और नमक दिया है। प्रशासन की ओर से सहयोग मिलने पर अपने गांव नहीं गए हैं।