एक ही कैंपस में शिफ्ट होंगे प्राथमिक से जमा दो तक के छात्र
शिक्षा उपनिदेशक कर रहे जिले के प्राथमिक स्कूलों का निरीक्षण
अभी तक दो स्कूलों की हालत निकली खस्ता, उच्च स्कूल के साथ किया शिफ्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। मानसून की दस्तक से पहले शिक्षा विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने जिले के सभी क्षतिग्रस्त और असुरक्षित स्कूल भवनों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस मुहिम के तहत अब असुरक्षित घोषित किए गए प्राथमिक स्कूलों को नजदीकी उच्च या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के साथ एक ही कैंपस में शिफ्ट करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। शिक्षा उपनिदेशक उच्च गोपाल चौहान स्वयं जिले के विभिन्न प्राथमिक स्कूलों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान किसी भी संभावित खतरे को टालना और बच्चों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करना है। निरीक्षण के दौरान स्कूल भवनों की छतों, दीवारों और नींव की स्थिति को बारीकी से जांचा जा रहा है। अभी तक की विभागीय जांच के दौरान जिले के बीबीएन क्षेत्रों के दो प्राथमिक स्कूलों की हालत काफी खराब और जोखिम भरी पाई गई हैं। प्रशासन ने बिना किसी देरी के इन स्कूलों को नजदीकी उच्च विद्यालयों के साथ शिफ्ट करने के आदेश जारी कर दिए हैं। अब इन स्कूलों के छात्र और शिक्षक सुरक्षित भवनों में अपनी कक्षाएं जारी रखेंगे। विभाग की नई रणनीति के तहत वन कैंपस मॉडल को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत प्राथमिक स्तर से लेकर जमा दो तक के छात्र एक ही सुरक्षित परिसर में शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। इससे न केवल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि आपात स्थिति में बच्चों के प्रबंधन में भी आसानी होगा।
कोट
मानसून के बीच बच्चों की सुरक्षा को लेकर निरीक्षण किया जा रहा है। जिले के सभी स्कूलों से स्कूल भवन की स्थिति को लेकर भी रिपोर्ट मांगी गई है। इसके आधार पर स्कूलों का निरीक्षण भी किया जा रहा है।
गोपाल चौहान,शिक्षा उपनिदेशक, उच्च शिक्षा