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Rampur Bushahar News: सुन्नी बांध के निर्माण के दौरान सतलुज में डंप किया मलबा, बोर्ड ने जारी किया नोटिस

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बारिश के दौरान भारी मात्रा में मलबा नदी में बह गया
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अब तीन लाख रुपये जुर्माना लगाने की सिफारिश


प्रकाश ठाकुर
रामपुर बुशहर। सुन्नी बांध के निर्माण के लिए की गई खोदाई से निकला 50 हजार घन मीटर मलबा सतलुज नदी में डाला गया। इस बरसात में मलबा भारी मात्रा नदी में बह भी गया। यह खुलासा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निरीक्षण के दौरान हुआ। बोर्ड ने अब मैसर्स सुन्नी डैम एचईपी (382 मेगावाट) साइट कार्यालय को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही तीन लाख रुपये जुर्माना लगाने की सिफारिश भी की है।
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राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. प्रवीण चंद्र गुप्ता की ओर से जारी नोटिस के अनुसार क्षेत्रीय अधिकारी शिमला ने सुन्नी बांध जलविद्युत परियोजना का निरीक्षण 2 जुलाई को किया था। बांध की खोदाई से निकला करीब 50 हजार घन मीटर मलबा पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना सतलुज नदी में डंप किया हुआ पाया गया। हाल ही में हुई बारिश के दौरान भारी मात्रा में मलबा बह भी गया। इसके अलावा नदी के बाएं किनारे पर बिना किसी उचित सुरक्षा उपायों के डायवर्सन सुरंग के प्रवेशद्वार के पास भारी मात्रा में मलबा जमा किया है। साथ ही लुनसू डंपिंग साइट पर भी कोई टिकाऊ संरचना नहीं देखी गई। क्षेत्रीय अधिकारी ने 4 जुलाई को जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम-1974 और वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम-1981 के प्रावधानों का पालन करने के लिए इकाई को नोटिस जारी किया। इकाई ने 15 जुलाई को अपना उत्तर प्रस्तुत किया। हालांकि, वह संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद 1 सितंबर को फिर नोटिस जारी किया। क्षेत्रीय अधिकारी ने एनजीटी की ओर से 29 जुलाई, 2013 के आदेश संख्या 256/2013 में निर्धारित अनुरूपता के अनुसार इकाई पर तीन लाख रुपये का पर्यावरणीय मुआवजा लगाने की सिफारिश की है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम-1974 और वायु प्रदूषण एवं नियंत्रण अधिनियम-1981 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इकाई को निर्देश दिए हैं कि सात दिन में बताया जाए कि नियमों के उल्लंघन के लिए कार्रवाई क्यों नहीं की जाए। यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलता है, तो दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। संवाद
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