सांगला (किन्नौर)। सांगला तहसील के खरोगला नाले का जलस्तर बढ़ने से बटसेरी गांव में हजारों सेब के पौधे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके अलावा आईपीएच विभा की क्रेटवॉल को भी नुकसान पहुंचा है। सूचना मिलते ही राजस्व, आईपीएच और वन विभाग के अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया।
जानकारी के अनुसार मामला बुधवार सुबह करीब पांच बजे का है जब खरोगला नाला उफान पर आ गया। जलस्तर बढ़ने से चिस्पान में नाले के साथ लगते दस बगीचो के हजारों पौधों और फसल को नुकसान पहुंचा है। हालत यह है कि मलबे और पानी से पेड़ कई फुट तक दब गए हैं। इसके अलावा आईपीएच विभाग और वन विभाग की क्रेटवालों को भी खासा नुकसान पहुंचा है। बुधवार सुबह जलस्तर बढ़ने की सूचना चिस्पान में काम कर रहे नेपाली मूल के कामगारों ने लोगों को दी।
सूचना मिलते ही ग्राम पंचायत बटसेरी के जनप्रतिनिधियों, राजस्व विभाग, आईपीएच और वन विभाग की टीम ने संयुक्त दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। गौर हो कि नाले में हर वर्ष बरसात के दिनों में बाढ़ आती है। इस बार भी अचानक नाले का जलस्तर बढ़ने से नाले के साथ लगते बगीचों को आंशिक क्षति हुई है। इसमें बागवान सूरज नेगी के सिंचाई टैंक सहित सेब के पौधों को नुकसान पहुंचा है।
इसके अलावा इंद्र भगत नेगी, राधाकृष्ण नेगी, मुकेश नेगी, संजय कुमार, दामोदर सिंह नेगी, मनोज नेगी, हरिलाल, सुखराम और पदमाराम सहित करीब 10 बागवानों के हजारों सेब के पोधों को आंशिक नुकसान हुआ है। बटसेरी पंचायत प्रधान प्रदीप नेगी, उपप्रधान चंद्रिका नेगी की अगुवाई में राजस्व विभाग की टीम ने क्षेत्र का दौरा किया। नाले का जलस्तर बढ़ने से बास्पा नदी भी उफान पर है।
तहसीलदार सांगला जयचंद धीमान ने बताया कि खरोगला नाले का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की सेब के पौधों, वन विभाग और आईपीएच विभाग की क्रेटवॉल को नुकसान पहुंचा है। राजस्व विभाग की टीम आकलन में जुटी है। लाखों के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।