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Rampur Bushahar News: किसानों को इंतजार, कब बरसेंगे मेघ, हरे होंगे सूखे खेत

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लंबे समय से बारिश नहीं होने से चौपाल में सूखे जैसे हालत
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खेतों में नमी नहीं होने से जौ, गेहूं, लहसुन की बिजाई लटकी
चौपाल में अधिकतर किसान बारिश पर निर्भर

संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण चौपाल विधानसभा क्षेत्र में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। सूखे के कारण फसलों की बिजाई लटक गई हैं। किसान जौ, गेहूं और लहसुन की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। दो महीने से बारिश नहीं हुई है। इससे खेतों में बिजाई के लिए पर्याप्त नमी नहीं है। अब किसानों को यही इंतजार है कि कब मेघ बरसेंगे और उनके सूखे खेत हरे होंगे। चौपाल और कुपवी उपमंडलों के अधिकांश किसान सिंचाई की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से बारिश पर निर्भर हैं। सूखे के कारण नदी, नालों और अन्य प्राकृतिक स्रोतों का जल स्तर भी कम हो गया है। किसान सूरत राम शर्मा, बाल कृष्ण, सलमान, मुस्तफा, गुलाम रसूल, बल बहादुर और अशोक कुमार ने बताया कि फसलों की बिजाई का उपयुक्त समय चल रहा है, लेकिन जमीन में नमी नहीं होने के कारण बिजाई का कार्य लटक गया है। बिजाई का समय निकलता जा रहा है। किसानों ने अब बारिश के लिए देवी-देवताओं की शरण में जाकर गुहार लगाई है। यदि नवंबर के आखिरी सप्ताह तक भी बारिश नहीं होती है, तो इसका असर गेहूं की पैदावार और मात्रा पर पड़ेगा। सूरत राम शर्मा ने कहा कि मक्की और राजमा की फसल की कटाई के बाद अक्तूबर के पहले सप्ताह में ही खेत खाली कर दिए थे। 15 अक्तूबर के बाद गेहूं की बिजाई करनी थी। नवंबर लगभग खत्म होने को है, अभी तक बारिश नहीं हुई है। इससे पूरा शेड्यूल खराब हो गया है। बाल कृष्ण का कहना है कि चौपाल और कुपवी उपमंडल में सिंचाई के लिए पानी की सुविधा बेहद कम है। ऐसे में खेतों में अधिकतर किसान गेहूं की बिजाई करते हैं। बारिश नहीं होने का नुकसान किसानों को झेलना पड़ेगा। सलमान का कहना है कि खरीफ की फसल भी इस बार सूखे जैसे हालात के चलते प्रभावित हुई है। अगस्त में कम बारिश होने से दालों की पैदावार में 40 फीसदी तक कम हुई है। अब रबी फसल पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
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