दवाओं का असर नहीं, पशुपालकों ने पशुपालन विभाग से मांगा तत्काल उपचार
संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर (किन्नौर)। चौरा के जंगलों में बीमारी से भेड़-बकरियों की मौत का सिलसिला जारी है। पिछले एक सप्ताह में कई पशुओं की मौत होने से पशुपालक चिंतित हैं। उनका कहना है कि बीमारी की पहचान नहीं हो पाई है और बाजार से खरीदी गईं दवाएं भी असर नहीं कर रही हैं। पशुपालकों के अनुसार पिछले बुधवार को पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे, लेकिन आवश्यक दवाएं उपलब्ध नहीं थीं। ऐसे में उन्हें बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। पशुपालकों ने आरोप लगाया कि पहले भी निचार उपमंडल के जानी क्षेत्र में इस तरह के मामले सामने आए थे। इसके बावजूद चौरा में आवश्यक दवाओं और विशेषज्ञों की व्यवस्था नहीं की गई। भेड़ पालन पर निर्भर परिवारों को लगातार हो रही मौतों से आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है। मेहर चंद, मोहन सिंह, अशोक कुमार और फकीर चंद सहित अन्य पशुपालकों ने सरकार और पशुपालन विभाग से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भेजने, बीमारी की पहचान करने और प्रभावी उपचार की व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पशुओं को बचाने के लिए मौके पर जरूरी दवाएं और विशेषज्ञों की निगरानी सुनिश्चित की जाए।