आनी (कुल्लू)। तीन गढ़ और सात हारों के ईष्ट देवता मुहान पंचायत कुंईर के व्यास ऋषि महादेव 18 सालों के बाद अपनी माता सरेउलसर स्थित बूढ़ी नागिन से मिले। मान्यता है कि वह शक्तियां अर्जित कर अपने हारियानों, कारकुनों और देवलुओं सहित बुधवार को देवालय लौटे हैं।
देवता के कारदार इंद्र सिंह, मंगत राम, मुहान पंचायत के प्रधान हरीश शर्मा और देवता के दरोगा ठाकुर दास वर्मा ने बताया कि तीन दिवसीय दौरे के पहले दिन व्यास ऋषि ने खनाग पंचायत के झरौहनु स्थित अपनी कोठी में रात्रि विश्राम किया। इसके बाद अगले दिन अपने सैकड़ों अनुयायियों के साथ ववह सरेउलसर पहुंचे।
मान्यता के मुताबिक उन्होंने परंपराओं को पूरा कर शक्तियों को अर्जित किया, जिसका नजारा देखते ही बनता था। इसके बाद लांबा लांबरी जोगणी का आह्वान भी किया गया। देवालय वापस पहुंचने पर बुधवार को व्यास ऋषि के साथ कुंईर पहुंचे वाहणों और शक्तियों की प्रतिष्ठा की गई।