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Rampur Bushahar News: युला कंडा में झील के बीच श्रीकृष्ण के दर्शन करने पहुंचेंगे श्रद्धालु

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जन्माष्टमी पर हर वर्ष किन्नौर समेत अन्य राज्यों से पहुंचते हैं श्रद्धालु
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल युला कंडा में जिला स्तरीय जन्माष्टमी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन और भागवैन मंदिर कमेटी ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। युला कंडा में झील के बीच बने पौराणिक एवं ऐतिहासिक श्रीकृष्ण मंदिर में जन्माष्टमी पर्व पर कल्पा, निचार और पूह सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। वीरवार को मुख्य अतिथि नायब तहसीलदार टापरी इंद्र सिंह खोशटों की उपस्थिति में भागवैन मंदिर कमेटी के जनप्रतिनिधि और युला के ग्रामीण सराय भवन में पहुंचे। यहां भागवैन मंदिर कमेटी की ओर से रात्रि भोज की व्यवस्था की गई। शुक्रवार को श्रद्धालु श्रीकृष्ण मंदिर पहुंचकर प्राकृतिक झील के बीच बने कन्हैया जी के मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इस विशेष पर्व के दिन स्थानीय लोग मंदिर के साथ बनी प्राकृतिक झील में अपनी टोपियां छोड़कर भविष्य में होने वाले अनिष्ट और सुखद भविष्यवाणियों के संकेत भी पाते हैं। जिला स्तरीय कृष्ण जन्माष्टमी पर्व का शुभारंभ नायब तहसीलदार टापरी इंद्र सिंह खोशटों करेंगे। युला गांव से करीब 12 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद श्रद्धालु इस रमणीय धार्मिक स्थल पर पहुंचते हैं। श्रद्धालु किन्नौरी कायंग प्रस्तुत कर अपनी पुरानी संस्कृति को संजोए रखने के साथ-साथ खूब मनोरंजन भी करते हैं। मान्यता है कि पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान यहां समय बिताया था। वनवास के दौरान भगवान श्रीकृष्ण पांडवों के साथ युला कंडा में आकर रुके थे और यहां की प्राकृतिक सुंदरता को देखकर मंत्रमुग्ध हुए थे। इस स्थान पर उनके पदचिह्नों के निशान भी मौजूद हैं। इसके बाद पांडवों ने इस स्थान को चुनकर प्राकृतिक झील के बीच मंदिर का निर्माण किया था। हर वर्ष प्राकृतिक झील के बीच बनाए गए भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर में श्रद्धालुओं और सैलानियों की अच्छी-खासी भीड़ जुटती है। इस विशेष पर्व में पूजा-अर्चना के साथ पुरानी धार्मिक परंपरा के मुताबिक कंडे में मौजूद विभिन्न देवी-देवताओं की स्तुति और गायन करते हुए किन्नौरी नाटी यानी कायंग का दौर भी खूब चलता है। भागवैन मंदिर कमेटी के अध्यक्ष रमेश शुवाल, उपाध्यक्ष प्रदीप शुवाल, सचिव गुलशन नेगी, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र लाटंगच और वरिष्ठ सलाहकार सुरेश शुवाल ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। शुक्रवार को दिनभर पारंपरिक नाटियों का खूब दौर चलेगा।
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