योजना में उपमंडल के विस्तृत मानचित्र और सभी विभागों की भूमिकाएं शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)।
उपमंडल आनी की आपदा प्रबंधन योजना औपचारिक रूप से जारी की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मानसून सहित किसी भी आपदा में राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने का है। यह योजना त्वरित और समन्वित ढंग से संचालन सुनिश्चित करेगी। योजना में उपमंडल के विस्तृत मानचित्र और सभी विभागों की भूमिकाएं शामिल हैं। इसमें कर्मचारियों का विवरण, सड़क नेटवर्क, पेयजल योजनाएं और बिजली बोर्ड के ट्रांसफार्मरों की जानकारी भी है। विभिन्न विभागों के भवन, पंचायत भवनों और खेल मैदानों के जियो-कोऑर्डिनेट्स भी योजना का हिस्सा हैं। स्वयंसेवकों, महिला मंडलों और युवक मंडलों की सूची भी इसमें शामिल की गई है। इंसिडेंट रिस्पांस टीम (आईआरटी) का विवरण भी दिया गया है। सभी पंचायत प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य और बीडीसी सदस्यों की जानकारी भी इसमें है। विभिन्न विभागों के पास उपलब्ध मशीनरी का विवरण भी योजना में है। एसडीएम लक्ष्मण सिंह कनेट ने कहा कि योजना को यथासंभव व्यापक बनाने का प्रयास किया गया है। इसे भविष्य में और उपयोगी जानकारी जोड़कर समय-समय पर अद्यतन किया जाएगा। इससे किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा। आपदा प्रबंधन योजना का लक्ष्य आपदा में राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी, त्वरित और समन्वित बनाना है। इसमें उपमंडल के विस्तृत मानचित्र और सभी विभागों की भूमिकाएं स्पष्ट की गई हैं। कर्मचारियों का विवरण, सड़क नेटवर्क और पेयजल योजनाओं की जानकारी भी शामिल है। बिजली बोर्ड के ट्रांसफार्मरों और विभिन्न भवनों के जियो-कोऑर्डिनेट्स भी दिए गए हैं। योजना के संकलन में कार्यकारी अधिकारी उद्योग चंद्र मोहन और कार्यालय तहसील कल्याण अधिकारी (टीडब्ल्यूओ) आनी के जेओए (आईटी) नरेंद्र शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समिति के सदस्य जोगिंदर शर्मा और रितिका ठाकुर ने भी योगदान दिया। योजना की सॉफ्ट कॉपी विभागों के साथ साझा की जा रही है और एक व्हाट्सएप समूह भी बनाया गया है। एसडीएम ने मानसून के मद्देनजर लोगों से नदियों और असुरक्षित स्थानों से दूर रहने की अपील की। उन्होंने आपदा संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने का भी आग्रह किया।