उछड़-पाछड़ रस्म के बाद अपने मंदिर लौटे देवता और ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू।
चिड़गांव के भौंडा गांव में देवता विष्णु नारायण के नवनिर्मित मंदिर में तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा समारोह देवताओं की विदाई के साथ मंगलवार को संपन्न हो गया। देवताओं ने मंदिर प्रांगण में पहुंचकर ग्रामीणों को आशीर्वाद दिया। इसके बाद देवलुओं ने नाचते-गाते अपने-अपने गांवों के लिए प्रस्थान किया। सोमवार को अनुष्ठान की मुख्य रस्म शिखा पूजन पूरी होने के बाद रातभर हर घर में नाटियों को खूब दौर चला। मंदिर के प्रांगण में भी सुबह तक लोग ढोल-नगाड़ों, रणसिंघा, करनाल व पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ध्वनियों पर नृत्य करते रहे। खुले मैदान में पहाड़ी नाटी और माला नृत्य का दौर चलता रहा। तीन दिवसीय यज्ञ के दौरान मेहमानों और श्रद्धालुओं के मनोरंजन और सहभागिता का सिलसिला लगातार जारी रहा।मंगलवार को दिन के भोज के बाद देव विदाई का कार्यक्रम शुरू हुआ। अनुष्ठान के अंतिम दिन उछड़–पाछड़ की रस्म के बाद कुंभराटू की भटोली, सभी मेहमान देवता, देवलू और श्रद्धालु अपने-अपने गांवों, घरों और मंदिरों के लिए पैदल देवताओं के साथ रवाना हो गए। विष्णु नारायण मंदिर कमेटी भौंडा के मोतमीन दिलीप भंडारी ने बताया कि यह तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान 30 वर्षों बाद आयोजित हुआ। इसके सफल आयोजन के लिए मंदिर कमेटी और स्थानीय जमींदारों की ओर से पिछले पांच वर्षों से व्यापक तैयारियां की जा रही थीं। उन्होंने कहा कि इस अनुष्ठान में उम्मीद से अधिक लोग पहुंचे, लेकिन देवताओं के आशीर्वाद और लोगों के सहयोग से अनुष्ठान शांतिपूर्ण संपन्न हो गया है।