फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पशुधन को बचाने के दावे हो रहे हवा हवाई

विज्ञापन
किन्नौर के बादंग स्थित गोसदन में पशुओं को चारे की कमी। - फोटो : RAMPUR-HP
विज्ञापन
सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले में बेसहारा पशुओं के संरक्षण को लेकर सरकार के दावे हवा हवाई नजर आ रहे हैं। सरकार और जिला प्रशासन ने कड़छम-सांगला सड़क पर बादंग में करोड़ों रुपये खर्च कर बेसहारा पशुओं के लिए आश्रय तो बनाया उनके लिए चारे की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन

गो सदन में करीब 45 पशु घास और चारे के अभाव में जी रहे हैं। गोसदन में सुविधाएं न होने के कारण एक दर्जन से अधिक गाय और बैल मर चुके हैं। बादंग गो सदन में 60 पशुओं को रखने की व्यवस्था है। यहां इस समय 45 पशु हैं। पशु घास और चारा न मिलने से मरने की कगार पर हैं। गो सदन का निरीक्षण किया तो पाया कि चारा देने वाली जगह पर एक पशु मरा था।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और वन निगम उपाध्यक्ष सूरत नेगी की मौजूदगी में 5 अगस्त, 2020 को इस गोसदन का शुभारंभ हुआ था। आज सही देखरेख न होने के कारण बेजुबान पशु मरने की कगार पर हैं। बेसहारा पशुधन को बचाने के सरकार के दावों की यहां पोल खुल रही है।
विज्ञापन

किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि बादंग गोसदन में पशुओं का पालन पोषण करने में सरकार और जिला प्रशासन नाकाम साबित रहा है। उन्होंने बेसहारा पशुओं के लिए चारे की उपयुक्त उपलब्धता की मांग की।
इस बारे में गो सदन समिति कामरू के सचिव सत्या देव नेगी ने कहा कि हम अपने स्तर पर घास और चारा उपलब्ध करवाने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। गोसदन पहुंची कुछ गाय पहले से ही बीमार थीं। इनका समय-समय पर उपचार चल रहा है। गोसदन में पिकअप भरकर घास लाया गया है।
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि गोसदन की देखरेख के लिए सोसायटी का गठन किया गया है। पशुओं के संरक्षण के लिए कमेटी के प्रतिनिधियों को सख्त निर्देश दिए जाएंगे। बेसहारा पशुओं के उचित संरक्षण के लिए जिला प्रशासन गंभीर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें