रामपुर, आनी, निरमंड सहित कई अन्य क्षेत्रों में किया प्रदर्शन
किसानों को बेदखल कर जीने के अधिकार को छीन रही कांग्रेस सरकार : सभा
एसडीएम के माध्यम से सरकार को भेजा मांगपत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर/आनी/निरमंड। प्रदेश में गरीब और सीमांत क्षेत्र के किसानों को पांच बीघा भूमि मिलनी चाहिए। गरीब परिवारों और लघु किसानों के कब्जे वाली जमीन से बेदखली और घरों में तालाबंदी पर तुरंत रोक लगाई जाए। यह बात मंगलवार को किसान नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान कही। हिमाचल किसानसभा और सेब उत्पादक संघ के आह्वान पर प्रदेश सरकार की ओर से उच्च न्यायालय की आड़ में प्रदेश में किसानों की जमीन की बेदखली और मकानों में की जा रही बाड़बंदी के खिलाफ विभिन्न उपमंडलों में प्रदर्शन किए गए। रामपुर, आनी, निरमंड और कुमारसैन उपमंडल में सैकड़ों किसानों ने विरोध-प्रदर्शन किया। एसडीएम के माध्यम से प्रदेश सरकार को मांगपत्र भेजा। किसान सभा जिला महासचिव देवकी नंद, किसान सभा जिला अध्यक्ष प्रेम चौहान, सेब उत्पादक संघ के सचिव पूर्ण ठाकुर, किसान सभा जिला उपाध्यक्ष रणजीत ठाकुर, राजीव चौहान और कुलदीप डोगरा ने कहा कि प्रदेश की सरकार किसानों की बेदखल कर उनके जीने के अधिकार को छीन रही है। आज जिन परिवारों को बेदखल किया जा रहा है, वो बहुत ही गरीब और कम भूमि वाले परिवार हैं। सरकार गरीबों को निशाना बनाकर उनके मकानों को सील कर उन्हें बेघर करने का कार्य कर रही है, जिसका किसान सभा कड़ा विरोध करती है। किसान सभा के सदस्यों ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों का पक्ष कोर्ट में मजबूती से नहीं रख पा रही है। यदि समय रहते सरकार इस पर रोक नहीं लगाती तो आने वाले समय में यह आंदोलन ओर मजबूती के साथ लड़ा जाएगा। गरीब परिवारों और लघु किसानों के कब्जे वाली जमीन से बेदखली एवं घरों में तालाबंदी पर तुरंत रोक लगाई जाए। केंद्र सरकार वन संरक्षण अधिनियम 1980 में संशोधन कर वन भूमि कृषि उपयोग के लिए बांटने का अधिकार राज्य सरकार को दे। गरीब और सीमांत किसानों के कब्जे वाली पांच बीघा जमीन को नियमित किया जाए। प्रदेशभर में वन अधिकार अधिनियम 2006 प्रभावी रूप से लागू कर अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वनवासियों को वन अधिकार दिए जाए। राज्य सरकार उच्च न्यायालय की ओर से जमीन से बेदखली और घरों की तालाबंदी के आदेशों पर रोक के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाकर प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करें। गरीब परिवारों को शहरी क्षेत्रों में दो बिस्वा और ग्रामीण क्षेत्रों में तीन बिस्वा जमीन घर बनाने के लिए दी जाए। सरकार की ओर से प्रदेश में प्राकृतिक आपदा प्रभावितों को बदले में जमीन और राहत राशि तुरंत देने और गरीब परिवारों के ढारों, रोजगार के साधनों को उजाड़ना बंद करने की मांग उठाई है। प्रदर्शन में दुर्गा सिंह, रमेश कुमार, अनुराज, प्रेम, सुरजीत, ख्याला नंद, रूप लाल, श्याम लाल, अमर, सतीश, मुनिलाल, रोशना देवी, प्रेमा देवी, गीता देवी, और शारदा सहित कई अन्य मौजूद रहे।
रामपुर में किसान सभा ने विरोध प्रदर्शन कर किसानों की बेदखली पर जताया रोष। संवाद
रामपुर में किसान सभा ने विरोध प्रदर्शन कर किसानों की बेदखली पर जताया रोष। संवाद