केंद्र सरकार के खिलाफ गरजा एनपीएस कर्मचारी महासंघ, कर्मचारियों ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम और नेशनल पेंशन स्कीम का किया विरोध, राज्यपाल और प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुुशहर। केंद्र सरकार पुरानी पेंशन योजना बहाल करें। जब तक ओपीएस लागू नहीं होती, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। यह बात वीरवार को रामपुर में एनपीएस जिला शिमला अध्यक्ष कुशाल शर्मा ने कही। रामपुर में एनपीएस कर्मचारी महासंघ ने यूपीएस (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) और एनपीएस (नेशनल पेंशन स्कीम) का भारी विरोध जताया है। कर्मचारियों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर सांकेतिक धरना दिया और अधिक्षक के माध्यम से राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजे। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि समूचे राष्ट्र के अंदर नेशनल मूवमेंट फार ओल्ड पेंशन स्कीम के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु और प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर के आह्वान पर एनपीएस कर्मचारी महासंघ भी यूपीएस और एनपीएस का पुरजोर विरोध करते हैं। इसी कड़ी में रामपुर में भी एनपीएस कर्मचारी महासंघ ने इसका भारी विरोध जताया है।
एनपीएस कर्मचारी महासंघ के जिला शिमला अध्यक्ष कुशाल शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में ओपीएस बहाल हो चुका है, जिसके लिए महासंघ सुक्खू सरकार के आभारी हैं, लेकिन जब तक समूचे राष्ट्र के अंदर ओपीएस बहाल नहीं होता है, तब तक विरोध जारी रहेगा। शर्मा ने प्रदेश सरकार से भी आग्रह करते हुए कहा है कि जिस तरह स्वयं मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने कबूला है कि ओपीएस पर कानून बनाया जाएगा। ऐसे में उन्होंने प्रदेश सरकार से कानून बनाने का आग्रह किया है। वहीं, बिजली बोर्ड और जिला परिषद कैडर के कर्मचारियों के लिए भी ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू करने का आग्रह किया। जिला परिषद से जुड़े कर्मचारियों को ग्रामीण विकास विभाग और पंचायती राज विभाग में सम्मिलित करने की भी मांग रखी है। इसके अलावा आउटसोर्स पर लगे कर्मचारियों को संबंधित विभाग के अधीनस्थ लाने और भविष्य में आउटसोर्स प्रथा को समाप्त करने का भी प्रदेश सरकार से आग्रह किया है। इस अवसर पर एनपीएस कर्मचारी महासंघ रामपुर के कोषाध्यक्ष धनसुख, प्रेस सचिव सोहन लाल सोनी, अध्यक्ष एनजीओ रामपुर सुरेंद्र कायथ, सुरजीत शर्मा, अनूप, अश्वनी कुमार, डॉ प्रवीण मेहता, अनिता, उतरा देवी, चंद्र प्रभा, रविंद्र शर्मा, कुंदन कुमार, प्रमेंद्र मेहता और राजू सहित कई अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।