हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत तकनीकी कर्मचारी संघ की रामपुर इकाई ने बैठक में उठाई मांग
ओपीएस बहाली, पदोन्नति और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाने का मुद्दा भी उठाया
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत तकनीकी कर्मचारी संघ की रामपुर इकाई की बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों और समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। फील्ड हॉस्टल रामपुर में आयोजित बैठक की अध्यक्षता संघ के प्रदेश अध्यक्ष रणवीर ठाकुर ने की, जबकि प्रदेश महामंत्री चमन लाल शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति निर्माण, तकनीकी कर्मचारियों की पदोन्नति, रिक्त पदों को भरने और यात्रा भत्ता (टीए) सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष रणवीर ठाकुर और रामपुर इकाई के प्रधान जवाहर लाल ने पदाधिकारियों व सदस्यों से संगठन की मजबूती के लिए सक्रियता से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य प्रदेशभर के फील्ड कर्मचारियों की समस्याओं को सरकार और विद्युत बोर्ड प्रबंधन के समक्ष उठाकर उनका समाधान करवाना है। उन्होंने बताया कि ओपीएस की बहाली को लेकर हाल ही में बोर्ड प्रबंधन के साथ बैठक हुई थी। प्रबंधन ने सरकार की ओर से पूछे गए तीन प्रमुख प्रश्नों के जवाब दिए हैं और कर्मचारियों को ओपीएस देने का आश्वासन दिया है। वहीं, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाकर उन्हें बोर्ड में शामिल करने और प्रदेश के करीब 1,200 तकनीकी कर्मचारियों की पदोन्नति का मामला मुख्यमंत्री के समक्ष उठाकर मंजूरी दिलवाने की मांग भी की गई। बैठक में विद्युत बोर्ड में तकनीकी कर्मचारियों की कमी पर चिंता जताई गई। संघ ने कहा कि बोर्ड में तकनीकी स्टाफ करीब 40 प्रतिशत रह गया है, जबकि 60 प्रतिशत पद खाली हैं। इसके बावजूद कर्मचारी प्रदेश में बिजली आपूर्ति सुचारु बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं।
संघ ने कहा कि विद्युत बोर्ड के विशाल ढांचे को व्यवस्थित ढंग से चलाने के लिए कर्मचारियों की भर्ती अनिवार्य है। संघ ने बढ़ते विद्युतीकरण के अनुरूप टी-मेट, सहायक स्टेशन मास्टर (एएसएम), लाइनमैन और फोरमैन के स्वीकृत पदों की संख्या बढ़ाने तथा तकनीकी कर्मचारियों को शिफ्ट ड्यूटी भत्ता देने की मांग भी उठाई।
रामपुर मंडल के विभिन्न कार्यालयों में तैनात फील्ड कर्मचारियों को तत्काल फील्ड में भेजने की मांग की गई, ताकि मैदानी स्तर पर कर्मचारियों की कमी दूर हो सके। इसके अलावा फील्ड कर्मचारियों को सरकारी आवास उपलब्ध करवाने पर भी जोर दिया गया। बैठक में तकनीकी कर्मचारियों के टीए बिल के दायरे को आठ किलोमीटर से बढ़ाकर 30 किलोमीटर करने की नीति का विरोध किया गया। संघ अध्यक्ष ने कहा कि कर्मचारियों के विभिन्न भत्तों में बढ़ोतरी और उन्हें संशोधित करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही प्रबंधन के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि जूनियर टी-मेट पद से जूनियर शब्द हटाने और बिजली कर्मचारियों को दुर्घटना बीमा सुविधा उपलब्ध करवाने की दिशा में संघ को सफलता मिली है। इसके तहत 11 बैंकों के साथ समझौता कर कर्मचारियों के वेतन खातों के माध्यम से बीमा सुविधा उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई है। बैठक में फील्ड कर्मचारियों से 33 केवी, 22 केवी और 11 केवी विद्युत लाइनों पर कार्य करते समय सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने का आह्वान भी किया गया।
इस अवसर पर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश वर्मा, संगठन मंत्री चुन्नीलाल, उपाध्यक्ष मुकेश शर्मा, उपसचिव सुनील, हेमंत सहित अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
गोपाल ठाकुर बने रामपुर इकाई के प्रधान
बैठक के बाद संघ की रामपुर इकाई की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें सर्वसम्मति से गोपाल ठाकुर को प्रधान चुना गया। नारायण सिंह को उपप्रधान, रामकृष्ण शर्मा को कोषाध्यक्ष, सोजू राम को सचिव और ईश्वर को प्रमुख सलाहकार की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा झाकड़ी से कमलानंद और ननखड़ी से भूपेंद्र को उपप्रधान चुना गया, जबकि संदीप कुमार को प्रेस सचिव बनाया गया।