आग की घटनाओं पर काबू पाना बना चुनौती, रामपुर से पहुंचता है दमकल वाहन
दुर्गम इलाकों के ग्रामीणों को झेलनी पड़ रही परेशानियां
राकेश बिनी शर्मा
निरमंड (कुल्लू)। कई दशकों से निरमंड में अग्निशमन केंद्र खोलने की मांग उठ रही है, लेकिन अभी तक यह पूरी नहीं हो पाई है। उपमंडल मुख्यालय निरमंड में अग्निशमन केंद्र न होने के कारण आग की घटनाओं पर काबू पाना चुनौती बना हुआ है। क्षेत्र में आग की घटना होने के दौरान समय पर राहत नहीं मिलती है।
निरमंड क्षेत्र के दूरदराज गांवों में आग लगने की घटनाओं के दौरान लोगों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है। यहां अग्निशमन केंद्र की सुविधा न होने से सहायता समय पर नहीं पहुंच पाती है। वर्तमान में निरमंड के लिए करीब 17 किलोमीटर दूर रामपुर स्थित फायर स्टेशन से गाड़ी मंगवानी पड़ती है, जो पहाड़ी मार्गों और खराब सड़कों के कारण देरी से पहुंचती है। इस देरी के चलते कई बार लोगों के घर, दुकानें और पशुधन जलकर राख हो जाते हैं। क्षेत्र के सामाजिक संगठनों और पंचायत प्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे को लेकर आवाज उठाई है। निरमंड उपमंडल में सर्दियों के दौरान सूखी घास और लकड़ी के घरों के कारण आग की घटनाएं होती हैं। नगर पंचायत निरमंड के उपाध्यक्ष विकास शर्मा ने प्रदेश सरकार और अग्निशमन विभाग से आग्रह किया है कि निरमंड में स्थायी फायर स्टेशन की स्थापना की जाए, ताकि आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। स्थानीय लोग उम्मीद जता रहे हैं कि सरकार जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी।
कोट
एसडीएम निरमंड मनमोहन सिंह ने बताया कि निरमंड में अग्निशमन केंद्र खोलने को लेकर जगह का चयन कर लिया गया है, जिसका संयुक्त निरीक्षण हो चुका है। जल्द ही अग्निशमन केंद्र खोल दिया जाएगा।