300 लोग डर के साये में काट रहे रातें, क्षेत्र में करीब 25 हजार पेटियों का होता है उत्पादन
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20 अगस्त से शुरू होगा सेब सीजन, मंडी मंडी तक पहुंचाने को लेकर बागवान चिंतित
संवाद न्यूज एजेंसी रामपुर बुशहर। भारी बारिश के कारण हिमाचल में जगह-जगह भूस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं से भारी नुकसान हो रहा है। बरसात ग्रामीण क्षेत्रों में कहर बरपा रही है और लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रामपुर उपमंडल के दुर्गम दारन गांव में भूस्खलन से जमीन धंसने लगी है। इससे 300 के करीब आबादी पर मंडरा रहा है। ग्रामीण डर के साए में जीने को मजबूर हैं। दारन गांव को जोड़ने वाली सड़क भी धंस चुकी है, जिससे यातायात ठप हो गया है। क्षेत्र में 20 अगस्त के बाद सेब सीजन शुरू होने वाला है और करीब 25 हजार सेब की पेटियों का उत्पादन होता है। बागवानों को सेब फसल को मंडी तक पहुंचाना एक चुनौती बन गया है। वहीं, पंचायत प्रधान त्रिलोक कुमार का कहना है कि दारन गांव के नीचे लगातार हो रहा भूस्खलन चिंता का विषय है। गांव को जोड़ने वाली सड़क ध्वस्त हो गई है। उन्होंने सरकार, प्रशासन और विभाग से जल्द समस्या का समाधान करने की मांग उठाई है।वहीं, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से रामपुर दौरे के दौरान दारन गांव का प्रतिनिधिमंडल दोफदा पंचायत प्रधान त्रिलोक कुमार की अध्यक्षता में मिला। उन्होंने मंत्री को क्षेत्र में लगातार हो रहे भूस्खलन की समस्या से अवगत करवाया। उन्होंने सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त करने की मांग की है। इस मौके पर सुषमा और चंद्र प्रभा सहित कई अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
सेरीपुल मार्ग अवरूद्ध होने से लोग पैदल चलते हुए। स्त्रोत जागरूक पाठक