बास्पा नदी के तेज बहाव की जद में हेलिपैड। संवाद
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सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के सांगला में पर्यटन को बढ़ावा देने और सड़क बंद होने की स्थिति में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए बोनिग सारिंग में करोड़ों रुपये से हेलिपैड बनाया गया है। वर्ष 2007 में सांगला के खरोगला, सेरिडचे, गंगारंग, हुरबा और रोकती खड्ड में बाढ़ आने से बास्पा नदी के बीच में बना हेलिपैड क्षतिग्रस्त हो गया था। 15 साल से नदी के बीच में बचा हेलिपैड लगातार भूमि कटाव के कारण खतरे के जद में आ गया है। कभी भी बास्पा नदी के तेज बहाव में डूब सकता है।
सांगला वैली की 11 पंचायतों की हजारों की आबादी को राहत पहुंचाने और पर्यटन व्यवसाय के लिए इसका इस्तेमाल करना मुश्किल हो गया है। यह हेलिपैड अगर पूरी तरह से डूब गया तो प्रदेश सरकार को करोड़ों का नुकसान हो सकता है।
किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी ने बताया कि भाजपा सरकार हेलिपैड को जोड़ने वाली एक किमी सड़क तक नहीं बना सकी है। हेलिपैड सामरिक सुरक्षा दृष्टि से बेहद अनिवार्य है। वहीं, जिला परिषद सदस्य हितेश नेगी, सांगला वैली के किशोर नेगी, महेंद्र सिंह नेगी, कुलदीप नेगी, सुरजीत नेगी, दीपक नेगी, दिव्या नेगी, अरुण नेगी, प्रसेनजीत नेगी आदि ने कहा कि पिछले 15 साल से हेलिपैड की सुरक्षा और सड़क निर्माण के नाम पर एक पत्थर तक नहीं लगा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हेलिपैड को सुरक्षित करे अन्यथा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
उधर, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ सांगला राकेश नेगी ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए लोगों ने गिफ्ट डीड दी है। धन के अभाव में न तो सड़क निर्माण हो सका है और न ही हेलिपैड को सुरक्षित किया जा सका है।