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Rampur Bushahar News: चूड़धार में बढ़ी श्रद्धालु की भीड़

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हर दिन चार हजार यात्री पहुंच रहे शिरगुल देवता के मंदिर
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संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू) गमीं बढ़ने के साथ चूड़धार में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है। यहां इन दिनों जिला सिरमौर, शिमला, उत्तराखंड के अलावा दूसरे राज्यों के पर्यटक शिरगुल देवता के दर्शनों के लिए चूड़धार पहुंच रहे हैं। पर्यटक चूड़धार की शीतल वादियों में सुकून की तलाश में यहां का रुख कर रहे हैं। हर वीकेंड पर चार हजार से अधिक यात्री जिला सिरमौर की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार पहुंच रहे हैं।
व्यवस्थाओं की बात की जाए तो वर्तमान समय में चूड़धार में अधिकतम तीन हजार लोगों के ठहरने की ही व्यवस्था है। चूड़ेश्वर सेवा समिति की सराय में अधिकतम ढाई हजार और मंदिर कमेटी की सराय में पांच सौ यात्री ठहर सकते हैं। इसके लावा स्वामी कमला नंद महाराज के चूड़धार स्थित आश्रम में भी 100 लोगों के ठहरने के साथ-साथ लंगर की व्यवस्था है। स्वामी कमलानंद बीते दो दशक से यात्रियों को यह सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं। वहीं चूड़ेश्वर सेवा समिति द्वारा भी हर साल की तरह इस साल भी चौदह मई से सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक और रात को आठ बजे से देर रात तक नि:शुल्क लंगर चलाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सात-आठ ढाबे भी चूड़धार में चल रहे हैं। चूड़ेश्वर सेवा समिति के प्रबंधक बाबू राम शर्मा ने बताया कि प्रबंधन का प्रयास रहता है कि अधिक से अधिक लोगों को सराय में रहने की व्यवस्था हो। आजकल अधिक भीड़ होने पर कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
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गौर रहे कि चूड़धार स्थित शिरगुल देवता जिला सिरमौर और शिमला के अलावा उत्तराखंड के जौनसार बाबर के लाखों लोगों के आराध्य देवता हैं। इन क्षेत्रों के लोग मई माह में चूड़धार यात्रा शुरू होने के बाद सितंबर माह तक शिरगुल देवता जो कि 12 हजार फीट से अधिक ऊंची छोटी पर भगवान शिव के दर्शन के लिए चूड़धार आते हैं। शनिवार और रविवार को तो यहां पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या चार हजार से भी ऊपर चली जाती है। मंदिर के मुख्य पुजारी संदीप शास्त्री और बाबू राम ने चूड़धार आने वाले यात्रियों से चूड़धार को स्वच्छ बनाने में सहयोग देने और रात का अंधेरा होने से पहले चूड़धार पहुंचने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि कई बार यात्री रात के अंधेरे में रास्ता भटक कर स्वयं और प्रशासन को मुसीबत में डाल चुके हैं। उन्होंने जिला सिरमौर के हरिपुरधार और नोहराधार क्षेत्र के स्थानीय लोगों से आग्रह किया है कि शनिवार और रविवार को अपनी यात्रा स्थगित कर दें, ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।
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