रोहड़ू। बढ़ाल पंचायत के बनाना गांव में पानी के टैंक में जहर मिलाने मामले में पांच दिन बाद भी सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस भी लैब में भेजे गए पानी के सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। गीता राम पिरटा ने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेश भावना से उनके परिवार को खत्म करने की साजिश रची गई है।
बढ़ाल गांव में गीता राम के पेयजल टैंक में सबसे अधिक जहर मौके पर मिला पाया गया था। उन्होंने बताया कि गांव में उनके साथ राजनीतिक द्वेश के कारण कई लोग इस प्रकार की हरकत कर रहे हैं। किसी के इशारे पर उनके टैंक में जहर मिलाया गया। उन्होंने कहा कि गांव में पानी के आवंटन का समय तय है। उन्होंने कहा कि उनको कुछ लोगों पर शक है। उनका नाम पुलिस के सामने रख सकते हैं। टैंक में जहर मिलने के बाद कुछ लोग उनसे दूरी भी बना रहे हैं। गौर हो कि जुब्बल तहसील की बढ़ाल पंचायत के बनाला गांव में नौ दिसंबर की शाम गीता राम के घर के पीने के पानी के टैंक में भारी मात्रा के जहर मिलाया था। आईपीएच के एक अन्य टैंक में भी जहर मिला पाया गया। सूचना के बाद पुलिस व आईपीएच विभाग की टीम ने पानी के सैंपल लिए हैं। उधर, डीएसपी अशोक वर्मा ने कहा कि पुलिस की ओर से पानी के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस स्थानीय लोगों से पूछताछ करेगी। उन्होंने कहा कि यदि गीता राम पिरटा को किसी व्यक्ति विशेष पर शक है तो उसकी जानकारी पुलिस को दें। इसके बाद पुलिस उस व्यक्ति से पूछताछ के लिए तैयार है।