अमर उजाला ब्यूरो
कुमारसैन (रामपुर बुशहर)।
उप तहसील कोटगढ़ के गांव टिक्कर जरोल के बागवान लोकेंद्र कंवर का शव सोमवार देर जंगल में मिला था। इस मामले में जुन्गा से फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंच कर तथ्य जुटाए और मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम आईजीएमसी शिमला में करवाया गया। राणा लोकेंद्र कंवर का बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया।
राणा लोकेंद्र कंवर के बड़े भाई राणा ओंकार चंद, भाई भूपेंद्र सिंह, भुवनेश्वर सिंह और उनके पुत्र आर्यावीर सिंह और पत्नी अनीता परिहार ने मामले की गहनता से जांच की गुहार लगाई है। परिजनों का कहना है कि पुलिस इस मामले को हत्या की आशंका से भी देखे। उन्होंने इस मामले में हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि राणा लोकेंद्र कंवर शाही परिवार में सबसे छोटे थे, लेकिन बहुत जिम्मेदार थे। परिजनों ने कहा कि लोकेंद्र कंवर कभी आत्महत्या नहीं कर सकते। लोकेंद्र कंवर के भतीजे की शादी एक दो दिनों में होने वाली है, जिसको लेकर वह तैयारी में भी व्यस्त थे। ग्रामीण शमशेर सिंह, यशपाल, प्रेम सिंह, मंजीत कुलदीप, यशवंत, मनीष, अर्जुन, संजय, विक्की, मंजू, बंटी, सन्नी, प्रताप ठाकुर और दलीप सिंह ने कहा कि राणा लोकेंद्र कंवर एक अच्छे इंसान और समाजसेवी थे। पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले। कोटगढ़ के गांव टिक्कर जरोल के जाने माने प्रगतिशील बागवान राणा लोकेंद्र कंवर 29 अप्रैल से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। 42 वर्षीय राणा लोकेंद्र कंवर को आखिरी बार अपने बगीचे में टहलते हुए देखा गया था। इसके बाद वह लापता हो गए। इसके बाद उनके परिजनों ने कुमारसैन पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की थी। लोकेंद्र टिक्कर में अकेले रहते थे, जबकि उनकी पत्नी बेटे के साथ देहरादून में रहती है। वहां पर उनका बेटा पढ़ाई कर रहा है। कुछ दिन पहले ही वह परिवार को छोड़कर वापस अपने घर लौटे थे। डीएसपी आरएल बंसल ने बताया कि राणा लोकेंद्र कंवर का शव सोमवार देर शाम को पुलिस को टिक्कर से 300 मीटर आगे जंगल में मिला। जुन्गा से फॉरेंसिक टीम ने मौके से तथ्य जुटाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कुछ कहा जा सकता है। मामले की छानबीन की जा रही है।