मजदूर परिवार की नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म होने के बाद भी रोहड़ू पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल तक नहीं करवाया और आरोपी को थाने से भगा दिया। लंबे समय से मजदूर परिवार न्याय के लिए भटकता रहा। बेटी के साथ न्याय के लिए कई बार पुलिस थाने के चक्कर काटे। थाने में पुलिस मामले को बार-बार दबाती रही।
दुष्कर्म के आरोपी को थाने तक पहुंचा कर मामले को रफा-दफा करके भगा दिया। अब 38 दिन बाद उच्च अधिकारियों के आदेश पर पुलिस ने पीड़िता को थाने बुला कर मेडिकल करवाया गया है। मामला दर्ज करने के बाद अब आरोपी की दोबारा तलाश शुरू हो गई। नाबालिग से दुराचार के गंभीर मामले की अनदेखी रोहूडू पुलिस के गले का फांस बनने वाली है।
मजदूर की नाबालिग बेटी को 23 फरवरी को एक व्यक्ति बहला फुसला कर ले गया था। मजदूर पुलिस थाना रोहडू में आरोपी व अपनी लापता बेटी का फोटो लेकर पहुंचा। पुलिस ने पिता की शिकायत पर केवल गुमशुदा कर रपट डाल कर किनारा किया। बाद में पुलिस ने मजदूर की की बेटी को जुब्बल से बरामद किया, आरोपी भी साथ था। मजदूर के अनुसार पुलिस ने थाना लाकर उसकी बेटी की पिटाई की। उसके बाद पिता के साथ घर भेज दिया। मेडिकल के लिए कहा तो एक सप्ताह बाद आने को कहा।
एक सप्ताह बाद फिर जब मजदूर पिता पीड़िता को लेकर थाने पहुंचा तो पुलिस ने डरा धमका कर भगा दिया। कई दिन भटकने के बाद 28 मार्च को पीड़िता के पिता ने इसकी शिकायत प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, पुलिस अधीक्षक शिमला व डीएसपी रोहडू को भेजी है। अब मामला सामने आने पर पुलिस कार्रवाई के लिए मजबूर हो चुकी है। रोहड़ू पुलिस इस मामले के बयान देने के लिए तैयार नहीं है। पीड़िता के मजदूर पिता ने बताया कि यदि मामले की गंभीरता से जांच नहीं हुई तो दिल्ली में नेपाल उच्चायोग से शिकायत की जाएगी। मजदूर ने मामले की विजिलेंस जांच की मांग की है।
शनिवार रात करीब एक बजे पीड़िता और उसके पिता को थाने से घर भेजा
शानिवार को करीब एक बजे पुलिस ने मजदूर के मालिक को फोन पर संपर्क कर उसका पता पूछा। शाम करीब साढे़ पांच बजे मालिक पीड़िता व उसके पिता को लेकर रोहडू डीएसपी कार्यालय पहुंचा। पुलिस ने पहले पीड़िता के ब्यान दर्ज किए। अस्पताल से रात करीब एक बजे पीड़िता व उसके पिता को थाने से घर भेजा गया। रविवार सुबह पुलिस की टीम आरोपी की तलाश के लिए रवाना हो चुकी है। पुलिस की दूसरी टीम मौके पर भी भेजी गई।
मामले की जांच के लिए जिला इंस्पेक्टर को भेजा : एसपी
एसपी शिमला ओमापति जमवाल ने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर दी गई है और मामले की जांच के लिए यहां से जिला इंस्पेक्टर को भेज दिया गया है।