रामपुर बुशहर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर अनुजा सूद की अदालत ने वीरवार को बड़े भाई की हत्या करने के आरोप साबित होने पर दोषी भाई को साधारण उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी को 50 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने की सूरत में दोषी को एक वर्ष का साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने विभिन्न धाराओं के तहत दोषी को सजा सुनाई है।
वीरवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर एट रामपुर अनुजा सूद ने अहम फैसला सुनाते हुए दोषी देविंद्र राणा, पुत्र स्व. हुकम चंद, गांव व डाकघर भुट्टी, तहसील कुमारसैन को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत साधारण उम्रकैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी को आईपीसी की धारा 452 के तहत एक साल का साधारण कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना किया है, जुर्माना अदा न करने की सूरत में छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं भादंसं की धारा 436 के तहत तीन वर्ष का साधारण कारावास और एक हजार रुपये जुर्माना किया गया है, जुर्माना अदा न करने पर छह माह की सजा भुगतनी होगी।
उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि 12 जून 2018 को करीब 12:15 बजे राजेंद्र राणा, पुत्र हुकम चंद, गांव और डाकघर भुट्टी, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला अपने कमरे में लेटकर टीवी देख रहा था। इतने में उसका छोटा भाई देविंद्र राणा कमरे में दाखिल हुआ और अपने साथ लाए एक बैग से पैट्रोल से भरी कैन निकाली। इसने पैट्रोल अपने भाई और कमरे में छिड़क दिया और माचिस से आग लगा दी। इस घटना में राजेंद्र राणा बुरी तरह से झुलस गया, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से सीएचसी कोटगढ़ पहुंचाया गया। यहां उसके बयान कलमबंद किए गए, जिसमें उसने छोटे भाई पर पैट्रोल छिड़ककर आग लगाने की बात कही। गंभीर हालत को देखते हुए आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। दोनों भाइयों के बीच वर्षों से जमीनी विवाद चल रहा था। पुलिस ने दोषी को गिरफ्तार किया और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई। इस मामले में कुल 20 गवाहों के बयान अदालत में कलमबंद किए गए, जिसके बाद अदालत ने दोषी के खिलाफ जुर्म साबित होने पर सजा सुनाई है। सरकार की ओर से इस अभियोग की पैरवी उप जिला न्यायवादी रामपुर कमल चंदेल ने की।